- प्रधानमंत्री ने संसद में देश में ऊर्जा के पर्याप्त भंडार होने और सरकार की लगातार जरूरी कदम उठाने की बात कही है
- BPCL और तेलंगाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है
- महाराष्ट्र के कई जिलों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और पैनिक बाइंग की स्थिति बनी है
मिडिल ईस्ट में तनाव से पूरी दुनिया में तेल और गैस संकट देखा जा रहा है. संसद में पीएम मोदी ने आश्वस्त किया है कि देश में ऊर्जा के पर्याप्त भंडार हैं. सरकार देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार जरूरी कदम उठा रही है. वहीं, भारत पेट्रोलियम की तरफ से बयान में कहा गया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं. सप्लाई चेन फुल कैपिसिटी में काम कर रही है. इस बीच, तेलंगाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भी साफ कर दिया है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है; HPCL, IOCL और BPCL के पास पर्याप्त स्टॉक हैं.
Bharat Petroleum Corp. Ltd says, "Rumours of petrol and diesel shortages are completely unfounded. India has ample fuel reserves, and supply chains are running normally. BPCL is fully operational and committed to uninterrupted fuel supply." pic.twitter.com/tWwtEnVPX2
— ANI (@ANI) March 25, 2026
महाराष्ट्र में पेट्रोल पंपों पर ‘पैनिक बाइंग', अफवाहों पर बढ़ाई चिंता
महाराष्ट्र के कई जिलों में बुधवार को पेट्रोल और डीजल को लेकर अचानक अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला. सोशल मीडिया पर ईंधन संकट की अफवाहों के बीच राज्यभर में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं. इस ‘पैनिक बाइंग' के चलते कई जगहों पर अस्थाई कमी जैसी स्थिति भी बनती दिखी, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में इंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है.
According to the Telangana Petroleum Dealers Association, " There is no shortage of fuel, adequate stock is available with HPCL, IOCL and BPCL and the supply chains are functioning normally." pic.twitter.com/Hb1soQSpSF
— ANI (@ANI) March 25, 2026
कोल्हापुर: सीमित ईंधन वितरण, लोगों में भ्रम
कोल्हापुर में कई पेट्रोल पंपों पर वाहनधारकों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल दिया गया. दोपहिया वाहनों को केवल ₹200 तक का पेट्रोल दिया जा रहा है. वहीं, चारपहिया वाहनों को ₹1000 तक की सीमा है. इससे लोगों में और अधिक घबराहट फैल गई. हालांकि कुछ पंप संचालकों ने दावा किया कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक है. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक भीड़ न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें.
नाशिक (येवला): आधी रात को पंपों पर भीड़
नाशिक के येवला इलाके में तो स्थिति और भी चौंकाने वाली रही. सोशल मीडिया पर “पेट्रोल बंद होने वाला है” जैसी अफवाह फैलते ही लोग आधी रात को ही अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए. करीब एक से डेढ़ किमी. लंबी कतारें देखी गईं. हालांकि, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में कहीं भी इंधन की कमी नहीं है.
गढ़चिरौली: कई पंप सूखे, ‘नो पेट्रोल-डीजल' के बोर्ड
गढ़चिरौली जिले में कुछ पेट्रोल पंपों पर “नो पेट्रोल” और “नो डीज़ल” के बोर्ड लगाए गए, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया. कुछ पंपों पर ईंधन खत्म होने की बात सामने आई. वहीं अन्य पंपों पर भारी भीड़ लग गई. यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव (खाड़ी क्षेत्र) से जोड़कर देखी जा रही है.
रत्नागिरी: सप्लाई में देरी, पंपों पर दबाव
रत्नागिरी शहर में भी कई पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल उपलब्ध नहीं था. तीन पंपों पर आपूर्ति बंद है. एडवांस भुगतान के बावजूद समय पर डिलीवरी नहीं. इसके चलते जो पंप चालू थे, वहां भारी भीड़ उमड़ी.
वर्धा और विदर्भ: ग्रामीण क्षेत्रों में भी असर
वर्धा और विदर्भ के अन्य इलाकों में भी ग्रामीण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं. लोगों को डर है कि पेट्रोल-डीजल खत्म हो सकता है, हालांकि प्रशासन ने इसे पूरी तरह अफवाह बताया है. नागपुर में भी 8–10 पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से खाली हो गए, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई.
प्रशासन की अपील: “कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें”
कोल्हापुर के जिलाधिकारी अमोल येडगे सहित विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने साफ कहा, "राज्य में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है. सप्लाई सामान्य है. नागरिक अनावश्यक भीड़ न करें. पैनिक बाइंग से कृत्रिम संकट पैदा हो रहा है.
क्या है असली वजह?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह संकट वास्तविक कमी से ज्यादा “मनोवैज्ञानिक” है. सोशल मीडिया पर अफवाहें, अंतरराष्ट्रीय तनाव की खबरें, पीएम के बयान की गलत व्याख्या और पिछले कोविड अनुभव की याद से इन सभी कारणों ने मिलकर लोगों में डर पैदा किया, जिससे अचानक मांग बढ़ गई. महाराष्ट्र में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई वास्तविक कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों और पैनिक बाइंग ने हालात को अस्थायी रूप से बिगाड़ दिया है. यदि लोग संयम रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, तो स्थिति जल्द सामान्य हो सकती है.
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