- नाजिया खान ने राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए गए बयान के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई है
- नाजिया खान ने राहुल गांधी पर सनातन धर्म का अपमान करने और मनुस्मृति को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है
- नाजिया खान ने राहुल गांधी पर वंदे मातरम और भारत माता की जय न कह पाने का आरोप लगाया है
सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया खान ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान मनुस्मृति पर विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई है. साथ ही उन्होंने सनातन का अपमान करने का भी राहुल गांधी पर आरोप लगाया है. नाजिया ने कहा कि राहुल गांधी बुर्का पहनने वाली लड़कियों को तो नहीं समझाते पर मनुस्मृति में लिखी गई बातों को गलत तरीके से लोगों को समझाते हैं.
'मैं तो कलमा भी पढ़ती हूं'
बीजेपी लीडर नाजिया खान ने कहा, 'मैं तो कलमा भी पढ़ती हूं और शहदा भी पढ़ती हूं. पर जब मैं वंदे मातरम गाती हूं तो अपने आप में मुझे बहुत ही फख्र महसूस होता है कि मैं खान जरूर हूं पर मैं अपने कल्चर से, अपने संस्कार से, अपनी संस्कृति से और अपनी सभ्यता से एक प्योर हिंदू हूं. भीमराव आंबेडकर जी ने जब संविधान लिखा था तो पहले पन्ने पर चित्र भगवान राम की दी थी. मनुस्मृति को राहुल गांधी ने डिफेम किया है. मनुस्मृति के एक अध्याय को उठाकर उन्होंने गलत शब्दों से खेलकर मिसअंडरस्टैंडिंग क्रिएट करने की कोशिश की है. जिस अध्याय में पिता, पुत्र और पति की जिम्मेदारी अपने घर की महिलाओं के प्रति बताई गई है, उन्होंने उसको महिलाओं के फ्रीडम को छीनने पर डायवर्ट कर दिया. मैं मानती हूं कि उनका अपना फ्रीडम ऑफ स्पीच है. उनका अपना फंडामेंटल राइट है इसलिए वो बोल रहे थे, मगर वो गलत-शलत जो बोल रहे थे तो पीछे बैकग्राउंड में उन्होंने आदरणीय प्रधानमंत्री की तस्वीर क्यों लगाई? उन्होंने आदरणीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की तस्वीर क्यों लगाई? उन्होंने मोहन भागवत जी की तस्वीर क्यों लगाई?'
'ये तो उनको जवाब देना पड़ेगा'
नाजिया खान ने कहा,'मैं पूछना चाहती हूं कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश में आई है, क्या आदरणीय प्रधानमंत्री कहा है कि सबको मनुस्मृति पढ़ना पड़ेगा या मनुस्मृति को फॉलो करना पड़ेगा? या उत्तर प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ जी की सरकार बनी तो क्या उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश के लोगों को मनुस्मृति के आधार पर चलना पड़ेगा? मनुस्मृति को फॉलो करना पड़ेगा. या मोहन भागवत जी की ऐसी कोई टिप्पणी या स्टेटमेंट आया है कि मनुस्मृति की बातों पर चलना पड़ेगा? तो फिर उनकी तस्वीर लगाकर डिफेम करने का मकसद मुझे समझ नहीं आ रहा है. राहुल गांधी जो अपनी बात रखनी थी, वो रख सकते थे लेकिन अपने आप को सस्ती लोकप्रियता और ओछी टीआरपी के लिए उन्होंने आदरणीय प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल किया. उन्होंने योगी आदित्यनाथ और भागवत जी की तस्वीर का इस्तेमाल क्यों किया? ये क्यों किया ये तो उनको जवाब देना पड़ेगा.'
#WATCH | Ghaziabad, UP: BJP leader and Supreme Court lawyer Nazia Khan has filed a complaint over LoP and Congress MP Rahul Gandhi's remarks regarding the Manusmriti.
— ANI (@ANI) August 28, 2026
BJP leader and Supreme Court lawyer Nazia Khan says, "I recite both the Kalma and the Shahada. And when I sing… pic.twitter.com/fKUdrWF7dp
नाजिया खान के तीखे सवाल
सुप्रीम कोर्ट की वकील ने आगे कहा, 'जो राहुल गांधी वंदे मातरम नहीं बोल पाते हैं, जो राहुल गांधी भारत माता की जय नहीं बोल पाते, जो राहुल गांधी अपनी मातृ शक्ति को इज्जत नहीं दे पाते, जो राहुल गांधी अपनी बहन को एलओपी नहीं बना पा रहे, वो राहुल गांधी मंच पर एक हिजाब वाली बच्ची को खड़ाकर कह रहे हैं कि पितृ सत्ता से दूर हटो. अरे वो काला टेंट ही तो सबसे बड़ी पितृ सत्ता है. आपने उस बच्ची को नहीं बताया कि ये जो तुम काले टेंट में लिपटी हो ये इस्लाम का जरूरी पार्ट नहीं है. ये तुमको जानबूझकर तुम्हारी सक्सेस को रोकने के लिए पहनाया गया है. राहुल गांधी जी जो सनातन को डिफेम करते हैं, जो अभद्र टिप्पणियां करते हैं, वंदे मातरम पर जो अभद्र टिप्पणियां करते हैं, वो हर बात पर भारतीय जनता पार्टी को क्यों लेकर आते हैं? भगवान राम और मनुस्मृति भारतीय जनता पार्टी नहीं हैं. शिव जी भारतीय जनता पार्टी नहीं हैं. भगवान राम भगवान हैं. भगवान शिव भगवान हैं. राम मंदिर राम मंदिर है. भारतीय जनता पार्टी एक राजनीतिक पार्टी है.'
राहुल गांधी ने क्या कहा था
इससे पहले, 22 अगस्त को राहुल गांधी ने अपने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान मनुस्मृति का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं की पहचान पिता, पति या बेटों के साथ उनके रिश्तों से तय नहीं होनी चाहिए, क्योंकि "वह खुद के अलावा किसी और की नहीं होतीं". सभा को संबोधित करते हुए गांधी ने मनुस्मृति के एक हिस्से का हवाला दिया और कहा, "मनुस्मृति कहती है कि बचपन में महिला अपने पिता की होती है. जवानी में वह अपने पति की होती है. जब उसका पति मर जाता है, तो वह अपने बेटों की होती है. महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए. यह मनुस्मृति का सीधा उद्धरण है, और ये शब्द शर्मनाक हैं, क्योंकि ये शब्द कभी नहीं कहे जाने चाहिए थे." उन्होंने आगे कहा, "आप खुद के अलावा किसी और की नहीं हैं," और जोर दिया कि महिला की पहचान सिर्फ़ बेटी, पत्नी या मां होने तक सीमित नहीं होनी चाहिए. गांधी ने कहा कि महिलाओं को अपनी पहचान खुद तय करने का अधिकार है और उन्हें पारिवारिक रिश्तों के आधार पर किसी दूसरे व्यक्ति की संपत्ति नहीं माना जाना चाहिए.
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