नासिक में TCS से जुड़े अत्याचार मामले में जांच के दौरान बड़ा और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक यह मामला अब केवल व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसके तार कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क और कथित 'लव जिहाद' जैसे संगठित तरीके से जुड़े होने की जांच की जा रही है.
लड़कियों को विदेश में बेचने की थी साजिश
जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपियों का तरीका बेहद व्यवस्थित था. पहले युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका विश्वास जीता जाता था, इसके बाद उनका कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराया जाता था. धर्म परिवर्तन के बाद उन्हें विदेश में ऊंचे वेतन वाली नौकरी का लालच देकर देश से बाहर भेजने की बात सामने आई है. सूत्रों का दावा है कि इस बहाने युवतियों को अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के जरिए विदेशों में बेच दिए जाने का शक है.
इस पूरे नेटवर्क में दानिश शेख को एक अहम कड़ी माना जा रहा है. जांच के दौरान दानिश शेख के मोबाइल फोन से कई अंतरराष्ट्रीय ग्रुप्स से जुड़े चैट, बड़ी संख्या में युवतियों की तस्वीरें और अन्य संदिग्ध डिजिटल सामग्री मिलने की जानकारी मिली है.
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हर लड़की को दिया गया अलग कोड नंबर
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि युवतियों की तस्करी के लिए कथित तौर पर 'कैटलॉगिंग' की जाती थी. सूत्रों के अनुसार, हर युवती को एक अलग कोड नंबर दिया गया था, जिससे इस नेटवर्क की गहराई और पेशेवर संचालन की आशंका और मजबूत होती है. जांच एजेंसियां इस कथित कोडिंग सिस्टम और उसके इस्तेमाल की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं.
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस व अन्य एजेंसियां मोबाइल डाटा, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और लेन-देन से जुड़े पहलुओं को खंगाल रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपों की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी.
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