गाजियाबाद शहर के इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी की एक इमारत बुधवार सुबह अचानक धधक उठी. टॉवर की 8वीं-9वीं मंजिल पर अचानक आग लगी और देखते-देखते ऊंची लपटों ने ऊपर के सारे फ्लैटों को आगोश में ले लिया.ऊंचे उठते अंगारों और धुएं के गुबार में हर कोई लाचार नजर आया. फायर ब्रिगेड की टीम भी आई, लेकिन बहुमंजिला इमारत के ऊंचे फ्लैटों तक राहत की बारिश पहुंचने की उम्मीदें भी चकनाचूर हो गईं. सोसायटी के भीतर भी हाहाकार मचाने वाली ऐसी आग से बचने के इंतजाम खोखले नजर आए.
नोएडा-गाजियाबाद के फ्लैट में हम कितने महफूज
नोएडा, गाजियाबाद में ऊंची इमारतें सैकड़ों की तादाद में हैं, जहां फ्लैट बनाने और पाने की होड़ है. लेकिन ये आग ऐसी ऊंची इमारतों के लिए रेड अलर्ट है.क्या हम बारूद के ढेर पर बैठे हैं? हर तरह की सुख-सुविधाओं का दावा करने वाली ये इमारतें संकट की घड़ी में क्यों नाकाम नजर आईं. कमाई की होड़ में हजारों फ्लैट के साथ टावर तो खड़े हो गए, लेकिन ऐसे हादसों के लिए ये सोसायटी कितनी तैयार हैं. अक्सर सोसायटी में अतिक्रमण कर अवैध ढांचे बना लिए जाते हैं, जो परेशानी का सबब बनता है. आग, भूकंप या ऐसे किसी अन्य हादसे में बचाव दल की टीमें इस कारण घटनास्थल तक पहुंच नहीं पाती हैं.
फायर ब्रिगेड भी नाकाम रही
फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लैडर बहुमंजिली इमारत में आग बुझाने में कितनी कारगर है ये इसे तस्वीर के जरिये समझा जा सकता है. शुक्र है कि यूपी फायर ब्रिगेड की टीम के फायर मैन की टीम को सीढ़ियों के रास्ते जाकर आग बुझाने की कोशिश में सफलता मिली. लेकिन सोचिए नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में ऊंची इमारतों से भरे इन इलाकों के लिए लिए बड़ी बड़ी हाइड्रोलिक सीढ़ियों कितनी कारगर है, लेकिन अफ़सोस उसकी ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.ऐसी हादसों की अनदेखी किसी बड़ी अनहोनी का सबब बन सकते हैं.

Gaur City Fire
ऊंची इमारतों की आग के लिए क्या तैयार है फायर ब्रिगेड?
इंदिरापुरम के गौर ग्रीन सोसायटी में बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे आग लग गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले AC का कंप्रेसर फटा, फिर अचानक फ्लैट में रखे प्लास्टिक और लकड़ी के सामान में आग फैल गई. देखते ही देखते आग ने पूरे फ्लैट को अपनी जद में ले लिया. फ्लैट में मौजूद बुजुर्ग दंपत्ति को समय रहते वहां से निकाल लिया गया.
30 मिनट के भीतर ही आग का गोला बने फ्लैट, फायर ब्रिगेड की देरी
गौर ग्रीन सोसायटी में राहत का जिम्मा संभालने वाले पदमाकर झा ने बताया कि जब आग लगी तो बिल्डिंग में लगे पानी के पाइप को हमने ऊपर ले जाने की कोशिश की, लेकिन 8वीं मंजिल की ऊंचाई तक वो पाइप नहीं पहुंच पा रही थी. फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां सबसे पहले पहुंची, लेकिन वो बहुमंजिला इमारत में लगी आग बुझाने के लिए उनके पास संसाधन नहीं थे.

Gaur City Fire
आग लगने के करीब डेढ़ घंटे बाद हाइड्रोलिक सीढ़ी पहुंची लेकिन उनके पास भी पानी ऊपर तक पहुंचाने का फोर्स नहीं था. इसके अलावा बिल्डिंग के एक निवासी साहिल ने बताया कि बिल्डिंग के सामने तक फायर ब्रिगेड इसलिए नहीं पहुंच पाई, क्योंकि वहां पार्क और स्विमिंग पूल के लिए चार दीवारें घेर दी गई. आग लगने के दौरान धमाकों की आवाज आ रही थी, जो ये बताता है कि आग के लिए घर में रखा ये सामान कैसे बारूद बन जाता है.
गौर ग्रीन के 8 फ्लैट जलकर स्वाहा
गौर ग्रीन के आठवीं मंजिल से लगी आग ऊपर बढ़ते बढ़ते 13 मंजिल तक पहुंच गई थी. इस आग में 8 फ्लैट्स जलकर ख़ाक हो गए और करोड़ों का नुक़सान हो गया. बिल्डिंग में जहां आग लगी उसके बगल के टॉवर में मशहूर साहित्यकार गीता श्री का फ्लैट भी था.आग लगने के बाद उनका परिवार भी बगल के टावर के फ्लैट्स की आग बुझाने में लगा रहा…उन्होंने बताया कि पहले फ्लैट से धुंआ उठा लेकिन देखते ही देखते बड़ी बड़ी लपटें उठने लगी पहले वो नीचे भागे फिर कुछ समय बाद ऊपर आकर उन्होंने बगल के टावर में अपने पानी की पाइप से आग बुझाना शुरू किया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं