- नासिक टीसीएस मामले में आरोपी दानिश शेख के मोबाइल को फेस आईडी से अनलॉक कर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं
- मुंबई नाका पुलिस ने नासिक रोड सेंट्रल जेल से चार मुख्य आरोपियों को ट्रांजिट वारंट पर अपनी हिरासत में लिया है
- आरोपियों पर जबरन धर्मांतरण, नशीला पदार्थ देने और ब्लैक मैजिक के गंभीर आरोपों की गहन जांच की जा रही है
महाराष्ट्र के नासिक टीसीएस (TCS) मामले में तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने एक अहम बाधा को भी पार कर लिया है.आरोपी दानिश शेख के मोबाइल को अनलॉक कर लिया गया है. दरअसल उसने अपने मोबाइल के हर एप्लिकेशन और फाइल के लिए अलग-अलग पासवर्ड और फेस आईडी सुरक्षा कवच लगा रखा था, जिससे फॉरेंसिक लैब को जांच में कठिनाई हो रही थी. फॉरेंसिक लैब की मुश्किलों को देखते हुए, अदालत से एसआईटी ने विशेष अनुमति ली. अनुमति मिलने के बाद आरोपी को फॉरेंसिक लैब ले जाया गया, जहां उसके फेस आईडी का उपयोग कर मोबाइल को अनलॉक किया गया.
दानिश के मोबाइल से निकाला जा रहा डेटा
मोबाइल अनलॉक होने के बाद अब पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने डेटा निकालने और आगे की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है. बता दें कि नासिक टीसीएस उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में मुंबई नाका पुलिस ने न्यायालय से ट्रांजिट वारंट प्राप्त कर नासिक रोड सेंट्रल जेल से चार मुख्य आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया है. इन आरोपियों की पहचान तौसीफ बिलाल अत्तार (37 वर्ष), दानिश एजाज शेख (32 वर्ष), शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी (34 वर्ष) और रजा रफीक मेमन (35 वर्ष) के रूप में हुई है.

ये हैं गिरफ्तार आरोपी
- दानिश एजाज शेख
- तौसिफ बिलाल अत्तर
- रजा रफीक मेमन
- शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी
- मोहम्मद शफी शेख
- आसिफ आलम आफताब आलम अंसारी
- निदा एजाज खान (फरार)
- अश्विनी अशोक चेनानी
'ब्लैक मैजिक' जैसे गंभीर आरोपों पर हो रही जांच
हिरासत में लिए गए इन चारों आरोपियों से अब जबरन धर्मांतरण की क्रोनोलॉजी, नशीला पदार्थ देकर जाल में फंसाने और 'ब्लैक मैजिक' जैसे गंभीर आरोपों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी. इन सभी आरोपियों के खिलाफ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 79, 299, 302 और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज है.

क्या थी धर्मांतरण की क्रोनोलॉजी?
नासिक टीसीएस में हुए उत्पीड़न मामले में संदिग्ध आरोपियों द्वारा धर्मांतरण के लिए अपनाई गई पूरी 'क्रोनोलॉजी' का खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पहले दोस्ती का बहाना कर युवक का भरोसा जीता और फिर 'शीर खुरमा' में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे खिलाया.
जानकारी के अनुसार, युवक की पारिवारिक समस्याओं और मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने उसे 'ब्लैक मैजिक' (काला जादू) करने की सलाह दी थी. इस साजिश को अंजाम देने के लिए अलग-अलग संदिग्धों ने एक सुनियोजित योजना बनाई थी, जिसके तहत युवक को जाल में फंसाने के लिए कार के जरिए विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया और उस पर दबाव बनाया गया. अब पुलिस इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
चौथी पीड़िता ने किए सनसनीखेज खुलासे
बता दें कि चौथी पीड़िता ने महिला आयोग के सामने कई बड़े खुलासे किए, जिनमें गिफ्तार दानिश का भी जिक्र था. उसने बताया कि आरोपी रजा दानिश और तौसीफ की मदद से उसकी डिजिटल स्टॉकिंग कर रहा था. उसके बारे में अफवाहें फैलाई गईं.
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