- CM शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के लिए होल्डिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं
- मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों में पहले होल्डिंग सेंटर खोले गए हैं जहां संदिग्ध घुसपैठियों को रखा जा रहा है
- प्रशासन अब अवैध नागरिकों को अदालत में पेश करने के बजाय सामूहिक रूप से होल्डिंग कैंपों में रखकर डिपोर्ट करेगा
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में घुसपैठिया पर बड़ी सियासत हुई थी. बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था और वादा किया था कि सरकार बनने के बाद घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा. अब बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार बनने के बाद बीजेपी ने इस पर काम शुरू कर दिया है. शुभेंदु सरकार ने बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को वापस भेजने के लिए हर जिले में 'होल्डिंग सेंटर' बनाने का आदेश दिया है.
बंगाल के दो जिले- मुर्शिदाबाद और मालदा पहले ऐसे जिले बन गए हैं, जहां संदिग्ध अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को रखने के लिए 'होल्डिंग सेंटर' खोले गए हैं.
पश्चिम बंगाल में अब कथित घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी एक नया तरीका शुरू किया जा रहा है. पता चला है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देशों के बाद अब प्रशासन अवैध नागरिकों को अदालत में पेश करने या उन्हें जेल भेजने के पुराने प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेगा. इसके बजाय उन्हें ऐसे कैंपों में सामूहिक रूप से रखा जाएगा और फिर बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया जाएगा.

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हाल ही में मुर्शिदाबाद की दो जगजों- भगवानगोला से एक और लालगोला से दो यानी कुल तीन बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है और तीनों को एक साथ रखा गया है. बताया जा रहा है कि तीनों इस समय लालगोला पुलिस थाने में आने वाले 'पद्मभवन' में रखे गए हैं.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जैसे ही प्रशासनिक मंजूरी मिलेगी, वैसे ही इन तीनों को बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इन्हें सीमा करने वाले BPO गेट से और BSF की मदद से वापस भेजा जाएगा.
इन घटनाओं ने सीमाई इलाकों में नई बहस छेड़ दी है. हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर न तो कोई औपचारिक बयान जारी किया है और न ही कोई जानकारी दी है. साथ ही अब मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रिया से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं.

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मंगलवार को मुर्शिदाबाद से 7 बांग्लादेश घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया. जलांगी पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया है, जो ईद से पहले घर लौटने की कोशिश कर रहे थे. सोमवार रात को इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने बिदुपुर में छापा मारा था. इस दौरान पुलिस ने सातों बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ लिया.

बताया जा रहा है कि सभी बांग्लादेश के कुश्तिया जेले में दौलतपुर के रहने वाले हैं. इसके अलावा, यह भी पता चला है कि गिरफ्तार किए गए सातों लोग केरल में राजमिस्त्री के रूप में काम कर रहे थे. वे ईद से ठीक पहले बांग्लादेश में अपने घरों को लौटने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगी कंटीले तारों की बाड़ को पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी जलांगी पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया. इन सातों को भी लालगोला होल्डिंग सेंटर भेज दिया गया है. यानी, अब लालगोला होल्डिंग सेंटर में कुल 10 लोग हैं.
मालदा में भी इंग्लिश बाजार स्थित बागबाड़ी में एक होल्डिंग सेंटर खोला गया है. सोमवार को 9 बांग्लादेशी नागरिकों इस होल्डिंग सेंटर में लाया गया. इनमें 3 महिलाएं और 6 नाबालिग हैं. उन्हें गाजोल के पांडुआ से पकड़ा गया था. उन्हें सुरक्षा घेरे में रखा गया है और वहां CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं. इस होल्डिंग सेंटर में 12 पुलिसकर्मी, 3 सिविल डिफेंस कर्मी, 3 सिविल वॉलेंटियर और एक रसोइया को लगाया गया है.
मुर्शिदाबाद से गोपाल ठाकुर और मालदा से करुणमय सिन्हा की रिपोर्ट
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