- मुंबई के चेंबूर इलाके में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने की घटना में जांच रिपोर्ट आ गई है.
- कंक्रीट सड़कों को पेड़ गिरने की वजह माना गया है. क्योंकि पेड़ों की जड़ें लगातार कमजोर हो रही हैं.
- चेंबूर में पेड़ गिरने से 12 छात्र घायल हुए थे. जिसमें इलाज के दौरान 11 साल के मासूम की जान चली गई थी.
मुंबई के चेंबूर इलाके में 30 जून को स्कूल वैन पर पेड़ गिरने की घटना को लेकर जांच समिति की रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं. इस घटना के लिए अनियोजित कंक्रीटीकरण को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है. क्योंकि पेड़ की जड़ों तक कंक्रीट किया गया था. ऐसे में जड़ें कमजोर हो गई थी. घटना में 3 अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है. बता दें कि इस घटना में 12 छात्र घायल हुए थे, जिनमें 11 साल के एक छात्र विहान श्रीवास्तव की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. पेड़ गिरने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को बस बाहर निकाला था, मशीन और कटर की मदद से पेड़ काटा गया था.
सीमेंट कंक्रीट से कमजोर हो रही पेड़ों की जड़ें
चेंबूर हादसे की रिपोर्ट के निष्कर्ष में यह बात सामने आई है कि जड़ों तक पर्याप्त पानी और मिट्टी न पहुंच पाने के कारण पेड़ जड़ से काफी कमजोर हो गया था. ऐसे में 60 साल पुराना पीपल का पेड़ बारिश होने की वजह से गिर गया. वहीं भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए समिति ने पेड़ों की जड़ों के आसपास कंक्रीटीकरण न करने की सख्त सिफारिश की है. हादसे की यह विस्तृत जांच रिपोर्ट विशेष सभागृह में पेश की जाएगी. इस हादसे के बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि शहरों में बढ़ता अंधाधुंध कंक्रीटीकरण ही पेड़ों के उखड़ने और गिरने का प्रमुख कारण बन रहा है?.
ये भी पढे़ंः लोहे की रॉड से मारा, सिगरेट से दागा, तोड़ दी हड्डी, मां-बाप ने अपने ही बच्चों पर क्यों की इतनी बेरहमी
सड़क चौड़ीकरण और कंक्रीट बिछाने के लिए लगातार खुदाई भी की जाती है. इससे भी पेड़ों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं. क्योंकि पेड़ के चारों तरफ कंक्रीट होने से जड़ों को ऑक्सीजन और पानी मिलना बंद हो जाता है. जिससे पेड़ बारिश में गिरने की संभावना बन जाती है.
मुंबई में बारिश से गिरे थे पेड़
मु्ंबई में बारिश की वजह से चेंबूर के अलावा कई और जगहों पर भी पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई थी. तेज आंधी और तूफान की वजह से कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए थे. जिसकी चपेट में आने से कई वाहनों को नुकसान पहुंचा था.
ये भी पढ़ेंः विकास की कीमत चुका रहा है मौसम? यहां समझें कई जगह विनाश की वजह क्यों बन रही है बारिश
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं