भारत को अपनी पहली बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने वाली है. अगले साल यानी 2027 में अगस्त तक मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर पहली ट्रेन शुरू हो जाएगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को ऐलान किया है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला सेक्शन 2027 में तैयार हो जाएगा. उन्होंने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य 80% पूरा हो चुका है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को अहमदाबाद के ऐतिहासिक कालूपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना और मेट्रो प्रोजेक्ट का जायजा लिया.
चरणों में शुरू होगा पूरा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम बहुत तेजी से चल रहा है. अगले साल सूरत से बिलिमोरा तक का पहला सेक्शन चालू हो जाएगा, इसके बाद वापी से सूरत वाला सेक्शन शुरू होगा. फिर वापी से अहमदाबाद वाला सेक्शन पूरा किया जाएगा. इसके बाद अहमदाबाद से ठाणे और आखिर में अहमदाबाद से मुंबई वाले सेक्शन पर काम होगा. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट 2029 तक अलग-अलग सेक्शन और चरणों में पूरा हो जाएगा. गुजरात इलाके में लगभग 80 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है.
100 फीट ऊंचे पुल पर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
उन्होंने कहा, 'शहर के अंदर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य बहुत जटिल है. कई जगहों पर रेलवे ट्रैक को पार करना होगा और कई स्थानों पर मौजूदा रेलवे लाइनों के ऊपर बने फ्लाईओवर को भी पार करना होगा. कई जगहों पर डबल क्रॉसिंग की जरूरत है, जिससे यह तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है.' रेल मंत्री ने कहा कि अहमदाबाद शहर में औसतन ऊंचाई लगभग 100 फीट है. पूरा ब्रिज इसी ऊंचाई पर बना है. ब्रिज बनकर तैयार है और अब ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाएगा
एक ही जगह मिलेगी बस, मेट्रो, रेलवे और बुलेट ट्रेन
उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में बस स्टैंड, मेट्रो, रेलवे और बुलेट ट्रेन, इन सभी चारों स्टेशनों का मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन, इसकी विशेषता है. यह विशेष ध्यान रखा गया है कि यात्री अगर मेट्रो से आएं तो बाईं ओर से सीधे बुलेट ट्रेन और रेलवे स्टेशन की तरफ जा सकते हैं. रेलवे स्टेशन से यात्री नीचे उतरकर बुलेट ट्रेन में बैठ सकते हैं. इस तरह की व्यवस्था बड़े ध्यान से की गई है. उन्होंने कहा, "एक और विशेष बात यह है कि अहमदाबाद की संस्कृति में पतंग का बहुत बड़ा महत्व है. बुलेट ट्रेन के स्टेशन का डिजाइन पतंग को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. एक बहुत अच्छा स्टेशन बनकर तैयार हो रहा है."
उन्होंने कहा बुलेट ट्रेन की प्लानिंग बहुत अच्छी तरह से की गई है. ग्राउंड फ्लोर पर मेट्रो होगी. मेट्रो से आने वाले यात्री पहली मंजिल पर मौजूद रेलवे स्टेशन तक जा सकते हैं, जबकि दूसरी मंजिल बुलेट ट्रेन स्टेशन से जुड़ती है. इसी तरह बुलेट ट्रेन से उतरने के बाद सीधे भारतीय रेलवे के स्टेशन पर भी पहुंच सकेंगे और ग्राउंड फ्लोर पर मेट्रो स्टेशन तक पहुंच पाएंगे.
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की खासियत
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत का पहला डेडिकेटेड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर है. इस कॉरिडोर में 12 स्टेशन होंगे, यह लगभग 508 किलोमीटर लंबा है. बुलेट ट्रेन से मुंबई से अहमदाबाद का सफर महज 1 घंटा 58 मिनट में पूरा हो जाएगा. ट्रेनों को 320 किमी/घंटा की ऑपरेशनल स्पीड और 350 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड पर चलने के लिए बनाया गया है. इस प्रोजेक्ट के तहत भारत में पहली बार J-स्लैब बैलास्टलेस ट्रैक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा.
इस कॉरिडोर में 2×25 kV ट्रैक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए 20 हजार से ज्यादा ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन मास्ट लगाए जाएंगे. इसमें 12 ट्रैक्शन सबस्टेशन, दो डिपो ट्रैक्शन सबस्टेशन और 16 डिस्ट्रीब्यूशन सबस्टेशन भी होंगे.
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बुलेट ट्रेन के इन कॉरिडोर पर भी शुरू होगा काम
सरकार ने अपनी लंबी अवधि की विस्तार योजनाओं के तहत लगभग 4,000 किलोमीटर लंबे सात और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की पहचान की है, जिन पर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.
- मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: 1 घंटा 58 मिनट (काम जारी)
- मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन: 48 मिनट
- बेंगलुरु-चेन्नई बुलेट ट्रेन: 73 मिनट
- बेंगलुरु-हैदराबाद बुलेट ट्रेन: 2 घंटा 10 मिनट
- पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन: 2 घंटे 8 मिनट
- दिल्ली-लखनऊ बुलेट ट्रेन: 2 घंटे
- दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन: सवा 3 घंटे
- दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन: 6 घंटे
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