
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ज़मीन अधिग्रहण अध्यादेश पर फिर से विचार को तैयार है और इसमें किसानों के फायदे की कुछ और बातें शामिल की जा सकती हैं।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक किसानों के विरोध की वजह से इस अध्यादेश पर फिर से विचार का फ़ैसला लिया जा रहा है।
बीजेपी किसान विरोधी नहीं दिखना चाहती है, लेकिन वह इसे पूरी तरह वापस लेने के भी खिलाफ है। सूत्रों के मुताबिक ज़मीन अधिग्रहण कानून में कुछ बदलाव किया जा सकता है और इसके बारे में चर्चा करने के लिए राजनाथ सिंह, अमित शाह और सुषमा स्वराज की बैठक होगी।
इस बीच सूत्रों के हवाले से यह खबर भी आ रही है कि लैंड बिल का विरोध कर रहे सत्याग्रहियों से संपर्क साधकर उनसे मांगों की सूची मांगी गई है। ये वो सत्याग्रही हैं, जो पलवल से दिल्ली की तरफ मार्च कर रहे हैं। ये सत्याग्रही 24 फरवरी को दिल्ली पहुंचेंगे।
कई किसान संगठनों के नुमाइंदों ने आज गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र सिंह से मुलाकात की। संगठनों ने सहमति क्लॉज़ और सोशल असेसमेंट में बदलाव के मुद्दे पर चिंता जताई है। किसान संगठनों ने दिल्ली में इस मुद्दे पर बैठक भी की।
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