- मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े वीडियो हटाने पर सार्वजनिक माफी मांगी और गलतियों को स्वीकार किया
- कंपनी ने बच्चों के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट को बढ़ावा देने और आर्थिक लाभ उठाने की बात भी स्वीकार की
- कंपनी पर कई देशों में मुकदमा चल रहा है.
सोशल मीडिया की दुनिया में अरबों लोगों तक पहुंच रखने वाली Meta एक बार फिर विवादों के केंद्र में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एक वीडियो को हटाने के मामले में कंपनी ने माफी मांगी है. वहीं, मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने बच्चों के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ावा मिलने के मुद्दे पर भी माफी मांगी. उन्होंने स्वीकार किया कि कंपनी से गंभीर गलतियां हुईं और ऐसे कंटेंट को रोकने में मेटा नाकाम रही. यही नहीं, उन्होंने यह भी माना कि कंपनी ने ऐसे कंटेंट से आर्थिक फायदा भी उठाया.
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मार्क जकरबर्ग को सार्वजनिक तौर से ऐसे हालात का सामना करना पड़ा हो. पिछले कुछ सालों में मेटा पर कई गंभीर आरोप लगे हैं और अलग-अलग देशों में कंपनी के खिलाफ बड़े मुकदमे भी चल रहे हैं.
यूरोपीय आयोग का बड़ा आरोप
इससे पहले यूरोपीय आयोग ने मेटा पर आरोप लगाया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अनंत स्क्रॉल, ऑटोप्ले और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि लोग ज्यादा से ज्यादा समय प्लेटफॉर्म पर बिताएं. आयोग का कहना है कि ये फीचर्स डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) का उल्लंघन कर सकते हैं. यदि आरोप साबित होते हैं तो Meta पर करीब 12 अरब डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
अमेरिका के चार राज्यों का 1.4 ट्रिलियन डॉलर का दावा
अमेरिका के कैलिफोर्निया, न्यू जर्सी, कोलोराडो और केंटकी राज्यों ने मेटा के खिलाफ बड़ा कानूनी दावा किया है. इन राज्यों का आरोप है कि कंपनी ने Instagram और Facebook के जरिए युवाओं और किशोरों की लत का फायदा उठाकर मुनाफा कमाया. इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म के नशे जैसी आदत पैदा करने वाले डिजाइन को लेकर जनता को गुमराह किया. इन राज्यों ने Meta से 1.4 ट्रिलियन डॉलर के हर्जाने की मांग की.
इंस्टाग्राम पर सेक्सटॉर्शन के कई मुकदमे
मेटा के खिलाफ इंस्टाग्राम से जुड़े कम से कम पांच सेक्सटॉर्शन मामलों में मुकदमे चल रहे हैं. इनमें एक रॉन्गफुल डेथ का मामला भी शामिल है.
न्यू मैक्सिको में 375 मिलियन डॉलर का फैसला
मार्च 2026 में न्यू मैक्सिको की एक जूरी ने फैसला दिया कि मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और उसकी लत लगाने वाली प्रकृति को लेकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया. इसके बाद राज्य को 375 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया गया.
सोशल मीडिया की लत वाले पहले ट्रायल में मेटा जिम्मेदार
मार्च 2026 में लॉस एंजिलिस की एक जूरी ने सोशल मीडिया की लत से जुड़े पहले व्यक्तिगत नुकसान वाले मुकदमे में मेटा और गूगल, यूट्यूब को जिम्मेदार माना. कुल 60 लाख डॉलर के हर्जाने में से 70 प्रतिशत जिम्मेदारी मेटा पर तय की गई.
AI चैटबॉट की गलती पर भी मांगनी पड़ी माफी
मेटा के AI चैटबॉट से जुड़ा एक और मामला भी चर्चा में रहा. अमेरिकी कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट रॉबी स्टारबक ने मेटा पर मुकदमा दायर किया. आरोप था कि AI चैटबॉट ने उन्हें गलत तरीके से 6 जनवरी 2021 के कैपिटल दंगे और QAnon से जोड़ दिया. विवाद बढ़ने पर Meta के वरिष्ठ अधिकारी जोएल कैपलन ने सार्वजनिक रूप से माफी जारी की.
क्यों बढ़ रही हैं Meta की मुश्किलें?
बच्चों की सुरक्षा, प्लेटफॉर्म की लत, AI की गलतियां और कंटेंट मॉडरेशन जैसे मुद्दों पर कंपनी लगातार सवालों के घेरे में है. आने वाले समय में इन मामलों के नतीजे मेटा के कारोबार और उसकी नीतियों पर बड़ा असर डाल सकते हैं.
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