
लगभग तीन दशक तक संसद के उच्च सदन राज्यसभा के सदस्य रहे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह एक बार फिर सदन में पहुंचने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मंगलवार को राजस्थान से नामांकन पत्र दाखिल करने जा रहे हैं. राजधानी जयपुर पहुंचने पर पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख तथा उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने उनका स्वागत किया. कुल 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के पास 100 विधायक हैं, और इनके अलावा उनके पास 12 निर्दलीयों तथा बहुजन समाज पार्टी (BSP) के छह विधायकों का समर्थन भी है, सो, डॉ. मनमोहन का निर्वाचन निश्चित है. दूसरी ओर, राज्य के प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास सिर्फ 73 विधायक हैं, इसलिए उन्होंने अब तक किसी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है.
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राज्यसभा की सीट के लिए उपचुनाव उस समय ज़रूरी हो गया था, जब BJP की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मदनलाल सैनी का निधन हो जाने से यह सीट रिक्त हो गई थी.
आपको बता दें कि इससे पहले इसी साल हुए राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस मनमोहन सिंह के लिए सीट पक्की नहीं कर पाई थी. यह पहला मौका है जब पिछले 27-28 सालों में मनमोहन सिंह संसद में नहीं है. अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह की संसद में मौजूदगी विपक्ष में बैठी कांग्रेस को मजबूती देगी. इससे पहले जब कांग्रेस मनमोहन सिंह के लिए कोई सीट निश्चित नहीं कर पाई थी तो हर किसी ने इसे मनमोहन सिंह को रिटायर मान लिया था.
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