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ओवैसी बिहार विधानसभा चुनाव का बदला तेजस्वी से राज्यसभा चुनाव में ले रहे!

बिहार में एक राज्यसभा सीट के लिए 41 विधायक चाहिए और समूचे विपक्ष को जोड़ने पर आंकड़ा 41 का ही आता है. मगर अब AIMIM ने पेंच फंसा दिया है.

ओवैसी बिहार विधानसभा चुनाव का बदला तेजस्वी से राज्यसभा चुनाव में ले रहे!
  • राज्यसभा के लिए बिहार में 5 सीटों के आगामी चुनाव में एनडीए को 4 सीटें आराम से मिल सकती हैं
  • बिहार में महागठबंधन को अगर पूरे विपक्ष ने समर्थन दिया तो उनका एक उम्मीदवार जीत सकता है
  • AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष ने पेंच फंसाते हुए कहा है कि वह राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेंगे
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राज्यसभा के लिए बिहार में 5 सीटों पर चुनाव होने हैं. विधानसभा में संख्या के आधार पर एनडीए को 4 सीटें आराम से मिल सकती हैं. महागठबंधन को यदि पूरे विपक्ष ने समर्थन दिया तो उनका एक उम्मीदवार जीत सकता है. बिहार विधानसभा में महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, जिसमें आरजेडी के 25, कांग्रेस के 6, माले के 2 जबकि सीपीआई और आईआईपी के एक-एक विधायक हैं. अगर महागठबंधन को AIMIM के 5 और बसपा के एक विधायक का समर्थन मिलता है तो एक उम्मीदवार को जितवाया जा सकता है. ऐसा इसलिए कि बिहार में एक राज्यसभा सीट के लिए 41 विधायक चाहिए और समूचे विपक्ष को जोड़ने पर आंकड़ा 41 का ही आता है.

AIMIM ने फंसाया पेंच 

मगर राज्यसभा चुनाव में अब AIMIM ने पेंच फंसा दिया है. उनके प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा है कि AIMIM राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगी और इसके लिए  आरजेडी सहित बाकी विपक्ष से समर्थन मांगा है. दरअसल AIMIM बिहार चुनाव का बदला आरजेडी से ले रही है. बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त AIMIM ढोल नगाड़े के साथ लालू यादव के घर पर गठबंधन के लिए अर्जी देने गई थी,  मगर तब आरजेडी ने AIMIM से कोई भी रिश्ता रखने से मना कर दिया था. 

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बिहार चुनाव में बिगड़े रिश्ते

चुनाव के दौरान भी AIMIM और आरजेडी के बीच तीखी बयानबाजी हुई और दोनों के रिश्ते खराब होते गए. चुनाव के बाद AIMIM ने 5 सीटें जीतीं और आरजेडी को 25 सीटें मिलीं. अब जब आरजेडी को राज्यसभा में AIMIM के 5 वोटों की जरूरत है तो AIMIM ने अपना उम्मीदवार उतारने की बात कही है. ऐसा करके AIMIM ने आरजेडी के गुब्बारे में छेद करने का काम किया है. 

आरजेडी बनाम AIMIM? 

दरअसल आरजेडी पांचवें उम्मीदवार के तौर पर मौजूद राज्यसभा सांसद एडी सिंह को उम्मीदवार बनाने की सोच रही है. एडी सिंह फर्टिलाइजर और केमिकल के बड़े व्यापारी हैं. उनके बिजनेस का एक बड़ा हिस्सा हैदराबाद में भी है. खबर है कि एडी सिंह को लड़ाने की वजह ये है कि वो AIMIM का वोट मैनेज करें, जिसमें उनके हैदराबाद संपर्क काम आ सकते हैं. मगर लगता है AIMIM ने इसे भांप लिया और अपना उम्मीदवार उतारने की बात कही है. आरजेडी को उम्मीद है कि इस पर आगे बात की जाएगी और विपक्ष ये मसला बातचीत के जरिए हल कर लेगा. 

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NDA का 5वां उम्मीदवार?

इतना तो तय है कि विपक्ष का उम्मीदवार तो जरूर होगा, वैसे एनडीए चाहे तो पांचवां उम्मीदवार भी उतार सकता है क्योंकि 38 वोट बचे रह जाएंगे. चिराग पासवान पहले ही कह चुके हैं कि उनकी पार्टी को राज्यसभा का टिकट नहीं चाहिए. बीजेपी के दो और जदयू के दो उम्मीदवारों का जीतना तय है. एनडीए के पांचवें उम्मीदवार के लिए एनडीए को तीन और वोटों की जरूरत है, जिसके लिए उसे विपक्षी दलों के विधायकों से क्रॉस वोटिंग करवानी पड़ेगी. 

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते अभी तक बिहार में राज्यसभा चुनाव में कभी क्रॉस वोटिंग नहीं हुई है. देखते हैं इस बार क्या होता है. इन्हीं वजहों से बिहार में होने वाला राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है कि क्या एनडीए पांचवां उम्मीदवार देगी या विपक्ष एकजुट रहकर अपना उम्मीदवार जितवा पाएगा.
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