मणिपुर में शनिवार को विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 22 सीटों पर 76.04 प्रतिशत मतदान हुआ. चुनाव से पहले और बाद में कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. कड़ी सुरक्षा और कोविड-19 प्रोटोकॉल के सख्त पालन के बीच राज्य के छह जिलों के 1,247 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ. इस चरण में कुल 8.38 लाख मतदाता हैं.
अधिकारियों ने बताया कि सेनापति जिले में सबसे अधिक 82.02 प्रतिशत मतदान हुआ. इसके बाद थौबल जिले में 78 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला. थौबल में 10 विधानसभा सीट हैं. तीन विधानसभा सीटों वाले तामेंगलोंग जिले में सबसे कम 66.40 प्रतिशत मतदान हुआ.
पुलिस ने बताया कि सेनापति जिले के करोंग विधानसभा क्षेत्र के नगामजू मतदान केंद्र पर तैनात सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर दो लोगों पर गोलियां चलाईं, जिससे कुछ स्थानों पर हिंसा के कारण मतदान प्रभावित हुआ.
भाजपा उम्मीदवार के चुनाव एजेंट ने मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी के पास दर्ज शिकायत दर्ज कराकर घटना की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की.
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगामजू मतदान केंद्र पर मतदान रोक दिया गया.
पुलिस ने कहा कि दूसरे चरण का मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले मणिपुर के कुछ स्थानों पर हिंसा भी भड़क उठी, क्योंकि कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने कथित तौर पर भाजपा समर्थक को गोली मार दी, जबकि भाजपा के एक निष्कासित नेता के आवास के बाहर देसी बम फटने की घटना भी सामने आई.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 25 वर्षीय एल. अमुबा सिंह ने शनिवार तड़के गोली लगने के बाद यहां एक अस्पताल में दम तोड़ दिया.
इस चरण में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हुआ है, उनमें तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके ओ इबोबी सिंह और पूर्व उप मुख्यमंत्री गैखंगम गंगमई शामिल हैं. ये दोनों कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. राज्य में पहले चरण में 28 फरवरी को 38 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था. चुनाव के नतीजे 10 मार्च को आएंगे.