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मणिपुर में भारत-म्यांमा पर बड़ा हमला, उग्रवादियों ने फूंके नगा गांव; दह़शत में जंगल तरफ भागे लोग

मणिपुर के कामजोंग जिले में म्यांमा सीमा के पास सशस्त्र उग्रवादियों ने तांगखुल नगा गांवों पर हमला कर दर्जनों घर जला दिए. इस बाहरी आक्रमण के कारण ग्रामीणों ने जंगलों में शरण ली है और दो लोगों के अपहरण की भी खबर है.

मणिपुर में भारत-म्यांमा पर बड़ा हमला, उग्रवादियों ने फूंके नगा गांव; दह़शत में जंगल तरफ भागे लोग
मणिपुर के कामजोंग जिले में म्यांमा सीमा के पास सशस्त्र उग्रवादियों ने तांगखुल नगा गांवों पर हमला कर दर्जनों घर जला दिए.

Manipur News: मणिपुर के सीमावर्ती जिलों में अशांति का एक नया और खतरनाक दौर शुरू हो गया है. गुरुवार को भारत-म्यांमा सीमा के करीब स्थित कामजोंग जिले के कई तांगखुल नगा गांवों पर सशस्त्र उग्रवादियों ने भीषण हमला कर दिया. हमलावरों ने न केवल अंधाधुंध गोलीबारी की बल्कि कई घरों को आग के हवाले कर दिया. इस अचानक हुए हमले से जान बचाने के लिए ग्रामीण कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बीच पास के जंगलों में शरण लेने को मजबूर हो गए.

तड़के 4 बजे मचा तांडव

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह हमला तड़के करीब चार बजे कसोम खुल्लेन पुलिस थाना क्षेत्र के नामली, वांगली और चोरो गांवों में हुआ. ये बस्तियां अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि उग्रवादियों की संख्या लगभग 100 थी. इस दौरान नामली में दो और वांगली में करीब चार घर जलकर राख हो गए. वहीं चोरो गांव में एक चर्च को छोड़कर लगभग पूरी बस्ती को जला दिया गया है. भागने की कोशिश में एक बुजुर्ग महिला के घायल होने की खबर है.

बाहरी आक्रमण का आरोप 

क्षेत्रीय विधायक एल. कीशिंग ने इस घटना को 'बाहरी आक्रमण' करार दिया है. उन्होंने दावा किया कि म्यांमा स्थित कुकी नेशनल आर्मी (बर्मा) और पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ) के संयुक्त उग्रवादी समूहों ने इस हमले को अंजाम दिया है. विधायक के अनुसार हमलावर एक महिला सहित दो लोगों को अपने साथ अगवा कर ले गए हैं, जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से इस गंभीर स्थिति पर चुप्पी तोड़ने की मांग की है.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. विधायक कीशिंग और दक्षिण तांगखुल छात्र संघ (TAKL) ने असम राइफल्स की भूमिका पर नाराजगी जताई है. आरोप है कि सुरक्षा बल एक दिन पहले ही गांव में आए थे और उनके जाने के तुरंत बाद यह हमला हो गया.

छात्र संघ ने मांग की है कि सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा के लिए तत्काल मणिपुर पुलिस के कमांडो तैनात किए जाएं और इस सुरक्षा चूक पर सरकार स्पष्टीकरण दे. फिलहाल स्थिति का जायजा लेने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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