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अजित पवार प्लेन क्रैश: उस दिन सुमित नहीं थे पायलट, ट्रैफिक जाम ने एक जान ले ली, एक जान बचा ली

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के प्लेन की कमान कैप्टन सुमित कपूर ही संभाल रहे थे. सुमित  वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ जुड़े हुए थे. उन्हें 16,500 घंटे से अधिक फ्लाइट उड़ाने का अनुभव था.

बारामती प्लेन क्रैश में कैप्टन सुमित कपूर की मौत.
  • महाराष्ट्र के बारामती विमान हादसे में मारे गए पायलट सुमित कपूर के दोस्त उनको याद कर भावुक हो उठे
  • दोस्त ने बताया कि अजित पवार का विमान सुमित नहीं किसी और पायलट को ऑपरेट करना था
  • पायलट के जाम में फंसने की वजह से सुमत को अचानक प्लेन ऑपरेट करने के लिए बुला लिया गया था
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नई दिल्ली:

महाराष्ट्र के बारामती में डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ प्लेन हादसे में जान गंवाने वालों में पायलट सुमित कपूर भी शामिल थे. इस हादसे के बाद कैप्टन सुमित के परिवार और दोस्तों का बुरा हाल है. किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि सुमित के साथ ऐसा हादसा हो जाएगा. जबकि बारामती जाने वाले अजित पवार के प्लेन की कमान किसी और पायलट को संभालनी थी,सुमित को नहीं. लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था. वह पायलट जाम में फंस गया तो सुमित को प्लेन ऑपरेट करने जाना पड़ा. पायलट सुमित के दोस्त अपने जिंदादिल दोस्त को याद कर भावुक हो उठे. 

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कैप्टन सुमित को किससे था प्यार, दोस्तों ने बताया

दोस्तों ने बताया कि सुमित को तो अचानक ही अजित पवार का प्लेन ऑपरेट करने का आदेश मिला था. दरअसल पहले उस विमान को किसी अन्य पायलट को लेकर जाना था. लेकिन वह ट्रैफिक में फंस गया, जिसकी वजह से सुमित को उस विमान को ऑपरेट करने के लिए बुला लिया गया. भावुक दोस्त ने बताया कि सुमित कपूर बहुत ही अच्छे स्वाभाव के थे. वह अपने परिवार से ज्यादा अपने काम से प्यार करते थे. कुछ दिनों पहले ही वह हांगकांग से लौटे थे. 

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दोस्तों ने बताई विमान हादसे की वजह

 दोस्तों का कहना है कि बारामती में हुआ विमान हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ, इसकी सही तरीके से जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सुमित को विमान उड़ाने का लंबा अनुभव था, ऐसे में उनसे गलती की गुंजाइश न के बराबर है. सुमित कपूर के अगर परिवार की बात करें तो उनका एक भाई गुरुग्राम में बिजनेसमैन है, जबकि बेटे और बेटी दोनों की शादी हो चुकी है. पायलट सुमित का बेटा और दामाद भी पायलट हैं.

कैसे हुई सुमित के शव की पहचान?

 सुमित के दोस्त सचिन तनेजा ने बताया कि वह फ्लाइट उड़ाने के बहुत शौकीन थे.वहीं दोस्त नरेश ने बताया कि घटना का पता चलने के बाद कोई यकीन ही नहीं कर पा रहा था कि सुमित नहीं रहे. वही अन्य दोस्त जीएस ग्रोवर ने कहा कि हांगकांग से लौटने के बाद काफी देर तक सुमित और उनकी बातचीत हुई थी. उन्होंने उनसे कहा था कि अपनी हेल्थ का विशेष ध्यान रखना चाहिए. हादसे के बाद सुमित के शव की पहचान उनके हाथ में पहने कड़े से की गई.

कैप्टन सुमित उड़ा रहे थे अजित पवार का प्लेन

बता दें कि अजित पवार के प्लेन की कमान कैप्टन सुमित कपूर ही संभाल रहे थे. सुमित  वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ जुड़े हुए थे. उन्हें 16,500 घंटे से अधिक फ्लाइट उड़ाने का अनुभव था. कैप्टन सुमित कपूर कई सालों से एविएशन सेक्टर में सक्रिय थे और हाई-प्रोफाइल यात्रियों की फ्लाइट ऑपरेट कर चुके थे.
 

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