SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर विपक्षी पार्टियों की याचिका पर फैसला आ गया है. कोर्ट ने विपक्षी पार्टियों की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. इस फैसले से जहां बीजेपी पार्टी में खुशी है. वहीं विपक्षी पार्टियां में नाराजगी देखी जा रही है. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने फिर कहा है कि SIR प्रक्रिया में गलत तरीके से जबरन वोटरों का नाम काटा गया है. वहीं गहलोत के आरोप पर राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने पलटवार किया है. राठौड़ ने कहा कि अनुपस्थिति के नाम पर किसी का नाम वोटर लिस्ट से नहीं काटा जा सकता.
मदन राठौड़ ने साफ कहा,
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बाहर से किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट हुआ है तो पहले वाले राज्य या मूल जगह पर उसका नाम रहा होगा. उसी आधार पर नाम जोड़ा जाएगा. गहलोत के बयान पर जवाब देने के साथ ही मदन राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत भी किया.
घुसपैठिए वोटर बनकर सत्ता की लालसा पालते हैं
SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने फैसले को बिल्कुल सही बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जो निर्णय लिया था, वह सोच-समझकर लिया था. राठौड़ ने कहा, "हम तो शुरू से ही कह रहे थे. कई बांग्लादेशी घुसपैठिए आकर यहां बैठ गए. उन लोगों ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा लिया. उसके बाद उन लोगों की सत्ता हासिल करने की लालसा जागने लगती है."
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष में भी कई ऐसे दल हैं जो घुसपैठियों को लेकर आए, उनको यहां बिठाया और वोट बैंक बनाने का काम किया, यह ठीक बात नहीं है. उन्होंने कहा कि देश का नागरिक ही यह फैसला कर सकता है कि इस देश में सरकार में आने का अधिकार किसका है.
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