Lok Sabha Elections 2019 : पूरे उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर ईवीएम को लेकर संदेह जताया जा रहा है.
नई दिल्ली:
- उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर में प्रशासन ने स्ट्रांग रूम की निगरानी में 5 लोगों को रहने की इजाज़त दे दी है. सोमवार को यहां गठबंधन के उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए थे. उनका आरोप था कि ग़ाज़ीपुर लोकसभा के अंतर्गत 5 विधानसभाएं आती हैं और हर विधानसभा की ईवीएम 5 अलग-अलग जगहों पर हैं.
- चंदौली में भी ईवीएम को लेकर गठबंधन समर्थक धरने पर बैठ गए. आरोप है कि गाड़ी से लाई गई कुछ ईवीएम को काउंटिंग स्थल के एक अलग कमरे में रखा गया.
- उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज में सपा-बसपा कार्यकर्ताओं ने पिछले मंगलवार को ईवीएम से भरा एक मिनी ट्रक पकड़ा गया था. इनका आरोप है कि इस ट्रक को ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर लाया जा रहा था. इसके साथ ही इनका आरोप है कि बीजेपी के लोगों ने इन ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ की है. यहां 12 मई वोटिंग डाले गए थे.
- उत्तर प्रदेश के मऊ में सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार अतुल राय अपने समर्थकों के साथ ईवीएम में गड़बड़ी होने की आशंका को लेकर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर बैठ गए. ईवीएम की सुरक्षा करने पहुंच कर वहां स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर कुर्सी लगाकर बैठे हैं.
- मिर्ज़ापुर में कांग्रेस उम्मीदवार ललितेश पति त्रिपाठी का आरोप है कि 300 रिज़र्व EVM का ग़लत इस्तेमाल हो रहा है. कांग्रेस उम्मीदवार का आरोप है कि ये EVM बिना किसी सुरक्षा के अलग कमरे में रखे गए थे लेकिन अब इन्हें स्ट्रांग रूम में ले जाया जा रहा है. उन्होंने ऑब्ज़र्वर से लिखित शिकायत भी की है.
- कन्नौज में भी EVM को लेकर सपा के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया. कार्यकर्ताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV बंद करने और ईवीएम की अदल-बदली का भी आरोप लगाया. जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की गई है.
- कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला का कहना है कि अगर ये रिज़र्व ईवीएम मशीनें हैं तब इन्हे रात के अंधेरे में क्यों ले जा रहे हैं. इन्हें उम्मीदवारों के लोगों को दिखाकर भेजना चाहिए. इससे लोगों में शंका बढ़ रही है. चुनाव आयोग लोगों के संदेश को दूर करे.
- वहीं बिहार के मुख्यमंत्री ईवीएम पर सवाल बोगस है, ईवीएस से चुनाव में पारदर्शिता आई है, हमें शुरू से ईवीएम पर भरोसा था, जब एनडीए की सरकार नहीं थी तब ईवीएम आया था, जब कोई पक्ष हारने लगता है तो इस तरह की बात करते हैं, ईवीएम पिछले कई सालों से चल रहे हैं.
- जो भी ईवीएम विलाप मंडली की हिस्सा हैं वो इसी से चुनाव जीतकर सरकार बना चुके हैं. जब जीते तो ईवीएम ठीक अब ख़राब हो गई है. ईवीएम विलाप मंडली को ज़मीन की हक़ीक़त पता चल गई है.
- इन सभी मामलों पर चुनाव आयोग ने एक बिंदुवार सफाई दी है और मामले को सुलझाने का दावा किया है.
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