उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बीते दो दिन से मॉनसून (HeavyRain) की बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं. इन इलाकों में अलग-अलग हादसों में से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. सबसे ज़्यादा तबाही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हुई है. वहीं दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. पुराने रेलवे पुल पर शाम 5 बजे यमुना का जलस्तर 205.40 मीटर दर्ज किया गया था. आज सुबह 7 बजे दिल्ली में यमुना का जलस्तर 206.30 मीटर है.
हिमाचल के कुल्लू, मनाली और मंडी में कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई, जिससे चंडीगढ़-मनाली हाइवे का एक हिस्सा भी बह गया. हिमाचल में भारी बारिश से 700 से ज़्यादा सड़कें बंद हैं. तीन नेशनल हाइवेज पर भी ट्रैफ़िक रोकना पड़ा है. यहां बिजली का संकट भी खड़ा हो गया है. क़रीब 1800 बिजली ट्रांसफ़ॉर्मर ठप्प पड़ गए हैं. राज्य में दो दिन के लिए स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं. चंबा, कांगड़ा, मंडी, उना, हमीरपुर, बिलासपुर ज़िलों में भारी बारिश के अलर्ट के चलते लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ की आशंका जताई है. शिमला, सोलन और सिरमौर ज़िलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक- हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में अगले दो दिन भी जमकर बारिश होगी. इस पूरे इलाके पर मॉनसून के अलावा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी सक्रिय है, जिसके कारण भारी बारिश हो रही है. इस वजह से यहां के ऊपरी इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है.
पंजाब में लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार ने सभी स्कूलों को 13 जुलाई तक बंद करने का फैसला किया है.