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लिफ्ट में फंसने से शख्स की मौत, कोलकाता के आरजी कार हॉस्पिटल का मामला, फेफड़े-दिल फटने की बात आई सामने

मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पसलियों, हाथों और पैरों की हड्डियों में फ्रैक्चर के साथ-साथ फेफड़े, हृदय और यकृत में भी चोटें पाई गईं. पुलिस ने मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है.

लिफ्ट में फंसने से शख्स की मौत, कोलकाता के आरजी कार हॉस्पिटल का मामला, फेफड़े-दिल फटने की बात आई सामने
कोलकाता में आरजी कार मेडिकल कॉलेज की लिफ्ट में फंसने शख्स की मौत

कोलकाता में आरजी कार मेडिकल कॉलेज की लिफ्ट में फंसने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. मृतक की पहचान अरूप बंदोपाध्याय के तौर पर हुई. मामले में 5 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. मृतक के पिता अमल बंदोपाध्याय द्वारा दर्ज रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पसलियों, हाथों और पैरों की हड्डियों में फ्रैक्चर के साथ-साथ फेफड़े, हृदय और यकृत में भी चोटें पाई गईं. 

ट्रॉमा केयर यूनिट में भर्ती कराया था बेटा 

अमल बंदोपाध्याय का बेटा ट्रॉमा केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था. शुक्रवार (20 मार्च) सुबह अमल नाबालिग बेटे की हालत जानने के लिए अस्पताल पहुंचा था. इसी दौरान वो हॉस्पिटल की लिफ्ट में अरूप फंस गया था और एक घंटे से अधिक समय बाद उसका शव वहां से बरामद किया गया.

आरोप- लिफ्ट ऑपरेटर मौजूद नहीं था

आरोप है कि अरुप एक घंटे से अधिक समय तक लिफ्ट में फंसे रहे, तब उस दौरान कोई लिफ्ट ऑपरेटर मौजूद नहीं था. इस दौरान लिफ्ट को दोबारा चालू करने के लिए अस्पताल का कोई कर्मचारी या लिफ्ट ऑपरेटर भी उपलब्ध नहीं था. मृतक के परिवार के सदस्य के अनुसार, लिफ्ट एक जगह पर रुक गई. अंदर फंसे तीनों लोग बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन लिफ्ट के बाहर एक फोल्डिंग गेट था. उसी समय, मृतक ने लिफ्ट से बाहर निकलने की कोशिश की, तभी लिफ्ट फिर से ऊपर जाने लगी. उसी दौरान, मृतक लिफ्ट और दीवार के बीच फंस गए. ये मृतक के परिवार वालों के दावे हैं.

अधीक्षक बोले- "लिफ्ट ठीक से चल रही थी..." 

अस्पताल के अधीक्षक सप्तर्षि चट्टोपाध्याय ने मीडियाकर्मियों को बताया कि अरुप के पिता द्वारा अस्पताल अधिकारियों के पास दर्ज कराई गई शिकायत को ताला पुलिस स्टेशन भेज दिया गया है. लिफ्ट ठीक से चल रही थी. एक बटन दबाया गया, जिसके बाद लिफ्ट ऊपर-नीचे चलने लगी और वे घबरा गए. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लिफ्ट ऑपरेटर या किसी भी सहायक कर्मचारी की अनुपस्थिति प्रशासनिक चूक थी.

बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने बताया हत्या

वहीं, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इसे 'हत्या' करार दिया और इस घटना के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दोषी ठहराया. बीजेपी नेता ने ममता बनर्जी, स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम और अस्पताल के अधीक्षक को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया. साथ ही उन्होंने कहा, "मेरे पास दस्तावेज हैं, उन्होंने जानबूझकर मरम्मत के दौरान चल रही लिफ्ट का इस्तेमाल करके उस व्यक्ति की हत्या कर दी. इस मामले में तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए." 

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