कर्नाटक में सिद्धारमैया से कौन करेगा मुकाबला, पूर्व CM बी.एस. येदियुरप्पा ने दिया संकेत

विधानसभा चुनाव बेहद करीब आ जाने की वजह से आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाए दिख रहे बी.एस. येदियुरप्पा ने बताया कि वरुणा विधानसभा सीट से बी.वाई. विजयेंद्र को टिकट दिए जाने पर उच्चस्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है.

कर्नाटक में सिद्धारमैया से कौन करेगा मुकाबला, पूर्व CM बी.एस. येदियुरप्पा ने दिया संकेत

बी.एस. येदियुरप्पा ने दावा किया कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस को 70 से ज़्यादा सीटें नहीं मिलेंगी...

बेंगलुरू:

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनाव प्रचार अभियान का नेतृत्व कर रहे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने गुरुवार को संकेत दिया कि कांग्रेस के दिग्गज नेता तथा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मुकाबले उनके पुत्र बी.वाई. विजयेंद्र चुनाव लड़ सकते हैं. सिद्धारमैया को उनकी पार्टी ने मैसूर की वरुणा सीट से मैदान में उतारा है, जहां से इस वक्त उनके पुत्र यतींद्र विधायक हैं.

चुनाव बेहद करीब आ जाने की वजह से आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाए दिख रहे बी.एस. येदियुरप्पा ने बताया कि वरुणा विधानसभा सीट से बी.वाई. विजयेंद्र को टिकट दिए जाने पर उच्चस्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है. केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित किए जाने के अगले दिन एक एमरजेंसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बी.एस. येदियुरप्पा ने यह जानकारी दी.

BJP के दिग्गज नेता ने कहा, "लिंगायतों तथा अन्य समुदायों के लिए आरक्षण कोटा न्यायपूर्ण है... मुस्लिमों के साथ भी कोई नाइंसाफ़ी नही की गई है... अब उन्हें आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के तहत आरक्षण मिल जाया करेगा..."

उन्होंने दावा किया कि इस बार के चुनाव में 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस को 70 से ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल नहीं हो सकेगी.

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हाल ही में राज्य की बसवराज बोम्मई सरकार ने राज्य में दिए जाने वाले आरक्षण का नए सिरे से विभाजन करने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी, जिसके बाद बी.एस. येदियुरप्पा को विरोध का सामना करना पड़ा. बंजारा और अन्य पिछड़े वर्गों के हज़ारों लोगों ने शिवमोग्गा स्थित उनके घर परपथराव किया था. दरअसल, पिछले हफ्ते राज्य मंत्रिमंडल ने शिक्षा और नौकरियों में अनुसूचित जातियों का आरक्षण भी 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया था, और अंदरूनी कोटा भी शुरू कर दिया था.