Kanwar Yatra 2026: श्रावण मास की शुरुआत के साथ गुरुवार से देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हो चुका है. आगामी 11 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त हरिद्वार और आसपास के गंगाघाटों से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित भगवान शिव के मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे. इस वर्ष हरिद्वार में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिसे देखते हुए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक, अतिरिक्त सुरक्षा बलों और विशेष नियंत्रण कक्षों का सहारा लिया है.
हरिद्वार में उमड़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावण मास शुरू होते ही हरिद्वार में कांवड़ियों का सैलाब उमड़ना शुरू हो गया है. केसरिया वस्त्र पहने श्रद्धालु गंगा घाटों की ओर बढ़ रहे हैं और पूरी नगरी "बम भोले" के जयकारों से गूंज रही है. प्रशासन का अनुमान है कि अगले पंद्रह दिनों में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच सकते हैं. भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ अधिकारियों ने यात्रा की तैयारियों को लेकर कई समीक्षा बैठकों का आयोजन किया है. यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है.

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िए
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पहली बार तैनात किए गए साइबर कमांडो
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अन्य जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है. इस बार पहली बार "साइबर कमांडो" तैनात किए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर निगरानी रखना है. साइबर कमांडो भ्रामक, फर्जी और एआई से तैयार सामग्री की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करेंगे. इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय भी स्थापित किया गया है ताकि किसी अफवाह या गलत सूचना से कानून व्यवस्था प्रभावित न हो.
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यातायात और सुविधाओं पर विशेष जोर
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार, कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए व्यापक ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई है. श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए जिले के कई स्कूल अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं. इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा
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उत्तर प्रदेश में हाईटेक निगरानी व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश से होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुजरते हैं. इसे देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. एआई आधारित निगरानी प्रणाली, ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. श्रावण के पहले दिन वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. मंदिर प्रशासन ने भारी भीड़ को संभालने के लिए विशेष व्यवस्था की है. कानून व्यवस्था के पुलिस महानिरीक्षक एल. आर. कुमार ने बताया कि लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में एक समर्पित कांवड़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे यात्रा की निगरानी करेगा.
लाइव सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
एल. आर. कुमार के अनुसार नियंत्रण कक्ष राज्यभर से प्राप्त लाइव सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन निगरानी और फील्ड इनपुट के आधार पर कांवड़ियों की आवाजाही और कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर कोई स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. सभी जिलों में एकीकृत कमांड सेंटर स्थापित किए गए हैं. साथ ही त्वरित प्रतिक्रिया दल, एंटी-सबोटाज जांच और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है.

Kanwar Yatra 2026
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मुजफ्फरनगर में 4000 पुलिसकर्मियों की तैनाती
कांवड़ मार्ग के सबसे व्यस्त ट्रांजिट प्वाइंट्स में शामिल मुजफ्फरनगर में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है. यहां करीब 4000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इनमें एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस), प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) और बाढ़ राहत इकाइयों के जवान भी शामिल हैं. कांवड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कई यातायात प्रतिबंध लागू किए गए हैं.
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चिकित्सा सुविधाओं का विशेष प्रबंध
मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर 45 चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा 78 एम्बुलेंस और 14 बाइक एम्बुलेंस तैनात की गई हैं. यात्रियों की आपात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में 100 बिस्तर आरक्षित किए गए हैं. प्रशासन का लक्ष्य यात्रा के दौरान "शून्य दुर्घटना और शून्य अप्रिय घटना" सुनिश्चित करना है.
बरेली और मुरादाबाद मंडल में समीक्षा बैठक
बरेली में मुख्य सचिव एस. पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बरेली और मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की. राजीव कृष्ण ने कहा कि जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने सुरक्षा योजना, बल की तैनाती और पिछले वर्षों के अनुभवों को प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, बैरिकेडिंग, पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा शिविर, सेल्फी प्वाइंट और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की है.
गाजियाबाद में करीब 7000 स्ट्रीट लाइटें
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदर ने बताया कि सुरक्षित और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं. कांवड़ मार्गों पर 6970 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है. इसके अलावा मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस सेवाएं सक्रिय कर दी गई हैं. खाद्य सुरक्षा टीमों को भोजनालयों की जांच के निर्देश दिए गए हैं. श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थलों की भी व्यवस्था की गई है.

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा
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दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी और सुरक्षा बढ़ाई गई
बड़ी संख्या में कांवड़ियों के दिल्ली से गुजरने की संभावना को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है. यात्रा के चरम दिनों में भारी वाहनों पर प्रतिबंध और कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रण लागू किया जाएगा. दिल्ली पुलिस ने भी राजधानी भर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है. प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सात प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है.
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मांस की दुकानों को बंद कराने की मांग
दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने एमसीडी आयुक्त को पत्र लिखकर कांवड़ यात्रा और आगामी महाशिवरात्रि के दौरान प्रमुख मार्गों और कांवड़ शिविरों के आसपास स्थित मांस की दुकानों और गैर-शाकाहारी भोजन बेचने वाले ठेलों को बंद कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री राजधानी से गुजरते हैं और ऐसे में खुले में मांस बिक्री श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकती है. एमसीडी ने भी यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं. राजधानी में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक 308 कांवड़ शिविर संचालित होने हैं.
गुरुग्राम में कंट्रोल रूम और सीसीटीवी निगरानी
गुरुग्राम पुलिस भी कांवड़ यात्रा को लेकर हाई अलर्ट पर है. यहां चौबीसों घंटे निगरानी और समन्वय के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है.
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कांवड़ मार्गों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी. बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाड और खुफिया इकाइयों को भी सक्रिय रखा गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील स्थानों, कांवड़ शिविरों और प्रमुख मार्गों पर लगातार निगरानी की जा रही है. महिला श्रद्धालुओं की सहायता के लिए महिला हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई हैं.
यातायात प्रबंधन पर विशेष फोकस
गुरुग्राम प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है. प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है. एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए हैं. आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए क्रेन और रिकवरी वाहनों को भी तैयार रखा गया है.
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