- जूनागढ़ जिले के गिरनार पर्वत की सीढियों से शेर एक 11 साल के बच्चे को उठा ले गया.
- बच्चा अपने परिवार के साथ अंबाजी माता मंदिर के दर्शन करने के लिए गया था.
- वह जब सीढ़ियों पर बैठा था, तभी अचानक से एक शेर आया और उसे उठाकर ले गया.
गुजरात के जूनागढ़ जिले में आने वाले पवित्र गिरनार पर्वत पर शनिवार की सुबह बड़ी घटना हो गई. यहां एक परिवार अंबाजी माता के दर्शन के लिए पर्वत की सीढ़ियां चढ़ रहा था. इस दौरान 11 साल का एक बच्चा सीढ़ियों पर बैठ गया. अचानक एक शेर भीड़ के बीच से उठाकर उसे घने जंगलों में ले गया. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे गिरनार क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. घटना के बाद श्रद्धालुओं में भारी दहशत का माहौल है. बच्चे का नाम मयूर चौहान बताया जा रहा जो अपने परिवार के साथ गिरनार पर्वत पर अंबाजी माता मंदिर में दर्शन करने आया था.
अचानक से आया शेर
घटना शनिवार सुबह 5 बजकर 45 मिनट की बताई जा रही है. रिमझिम बारिश के बीच सैकड़ों श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए गिरनार की सीढ़ियां चढ़ रहे थे. 50वीं सीढ़ी के पास सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच अचानक शेर ने हमला किया और बच्चे को अपना शिकार बना लिया. वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए, शेर को देखकर अफरा-तफरी मच गई और सब अपनी जान बचाकर भागे. शेर ने सीधे 11 साल के बच्चे पर झपट्टा मारा और उसे अपने जबड़े में दबाकर तेजी से नीचे खाई और घने जंगल की तरफ भाग निकला. बताया जा रहा है कि बच्चे का परिवार परिवार खेड़ा जिले के महेमदाबाद तहसील के मोडज गांव का रहने वाला है.
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जूनागढ़ वन विभाग ने चलाया ऑपरेशन
आंखों के सामने अपने को इस तरह से शेर के उठा ले जाने से माता-पिता बदहवास हो गए. वहीं घटना की सूचना मिलते ही जूनागढ़ वन विभाग की टीमों ने ऑपरेशन चलाया है. आधुनिक उपकरणों, ट्रैकिंग गियर और पिंजरों के साथ उस घने जंगल में रेस्क्यू जारी है. लेकिन शनिवार सुबह घटी इस घटना से हर कोई हैरान रह गया. जिस दिशा में शेर बच्चे को लेकर गया था, वह सर्चिंग तेज की है. गिरनार वन्यजीव अभयारण्य का यह इलाका बेहद पथरीला और झाड़ियों से भरा है, इसलिए सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
तीन शेर इलाके में दिखे थे
बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से इस क्षेत्र में तीन-तीन शेरों की आवाजाही देखी जा रही थी. वहीं घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर सीढ़ियों के पास बच्चे के पैरों के अवशेष मिले हैं. वन विभाग ने शेर के पंजों के निशान, घसीटने के निशान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है. हंसता-खेलता बच्चा देखते ही देखते परिवार की आंखों के सामने शेर का शिकार बन गया.
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