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"रात 3 बजे तक मैसेज करती रहती थी", जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल सदस्य बबीता की मां ने कहा

बबीता कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाक हैंडलर्स के संपर्क में थी. ऑनलाइन कलमा पढ़ने के बाद उसने नाम बदलकर 'खदीजा' रख लिया था.

जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल बबीता की मां ने NDTV से बातचीत की.

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की स्लीपर सेल से जुड़ी बबीता धाकड़ उर्फ 'खदीजा' की मां ने अहम जानकारी दी. बबीता धाकड़ को जयपुर से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी की खबर के बाद से घरवाले भी हैरान है. एनडीटीवी से बातचीत में उसकी मां ने बताया, "पुलिसवाले 17 जून को रात 9:30 बजे घर आए और फिर 21 जून को बबीता को गिरफ्तार किया. पुलिसवाले घर आते थे, तो मैंने पुलिसवालों को भी कह दिया था कि बेटी गलत है तो उसे सजा मिलनी चाहिए."

"पता नहीं किससे बात करती थी"

जयपुर के घर में बुजुर्ग माता-पिता और एक भाई रहता है. पिता ग्राम विकास अधिकारी के पद से रिटायर्ड है. मां ने बताया, "बबीता घर के सारे काम करती थी. अब घर उनका सूना पड़ा है. हम पुलिस को सहयोग कर रहे हैं. बबीता जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर से बातचीत कर रही थी, इस बात की भी जानकारी नहीं है. वो दिनभर मोबाइल पर मैसेज करती थी, रात 3 बजे तक सोती थी. उसके पिता भी कहते थे कि दिनभर मोबाइल पर क्या करती रहती है. उसे किसी का कॉल नहीं आता था."

पाकिस्तान भागने की थी तैयारी!

जांच में सामने आया है कि जैश ने भारत में सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए एक विशेष महिला विंग शुरू की है, जिसे 'जमात-उल-मुमिनात' नाम दिया गया है. इस विंग का मुख्य काम भारत की महिलाओं और युवतियों को ऑनलाइन माध्यमों से ढूंढना, उन्हें कट्टरपंथी बनाना और फिर उन्हें स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करना है. बबीता इसी विंग की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी थी. वह लगातार भारत विरोधी साजिशों को अंजाम दे रही थी और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आने से पहले ही भारत की सीमा लांघकर पाकिस्तान भागने की फिराक में थी, जिसके लिए उसके पाकिस्तानी आकाओं ने पूरा रूट मैप तैयार कर लिया था.

अब तक जांच में क्या सामने आया?

डिजिटल ब्रेनवॉश: पाकिस्तानी हैंडलर्स ने बबीता को भारत विरोधी सामग्री और प्रोपेगैंडा वीडियो दिखाकर उसका पूरी तरह से मानसिक ब्रेनवॉश किया.

ऑनलाइन कलमा: प्रभावित होने के बाद बबीता ने इंटरनेट के माध्यम से ही ऑनलाइन कलमा पढ़ा और अपना नाम बदलकर 'खदीजा' रख लिया.

पाकिस्तानी संपर्क: धर्म परिवर्तन के बाद वह पूरी तरह से जैश-ए-मोहम्मद के स्लीपर सेल मॉड्यूल के रूप में सक्रिय हो गई और देश के भीतर की संवेदनशील जानकारियां जुटाने लगी.

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