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This Article is From Jun 27, 2023

"आर्थिक विकास के लिए शहरों को केंद्र बिंदु बनाना जरूरी", हाई लेवल कमेटी ने केंद्रीय मंत्री को सौंपी रिपोर्ट

हाई-लेवल समिति के चेयरमैन और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी केशव वर्मा ने एनडीटीवी से कहा कि सिंगापुर की आबादी सिर्फ 64 लाख है, लेकिन वहां सरकार ने शहरी विकास की योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए 1000 अर्बन प्लानर्स नियुक्त किए हैं.

"आर्थिक विकास के लिए शहरों को केंद्र बिंदु बनाना जरूरी", हाई लेवल कमेटी ने केंद्रीय मंत्री को सौंपी रिपोर्ट
हाई लेवल कमेटी ने केंद्रीय मंत्री को सौंपी रिपोर्ट
नई दिल्ली:

देश में आर्थिक विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए शहरों को आर्थिक विकास के केंद्रबिंदु के तौर पर विकसित करना बेहद ज़रूरी है. अर्बन प्लानिंग पर गठित विशेषज्ञों की हाई लेवल कमिटी ने आवासन और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पूरी को सौंपी अपनी रिपोर्ट ‘Pathways to Amrit Kaal' में ये सिफारिश की है. हाई-लेवल कमिटी ने प्रधान मंत्री की अध्यक्षता में एक नेशनल अर्बन प्लैनिंग एंड रीजनल प्लानिंग अथॉरिटी और IAS, IPS की तर्ज़ पर एक एक आल इंडिया अर्बन प्लानिंग सर्विस गठित होनी चाहिए. कमिटी के मुताबिक भारत में 2050 तक देश की 50% आबादी शहरों मैं बस सकती है, इसके लिए शहरी विकास की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाना अहम होगा.

शहरी विकास (अर्बन डेवलपमेंट) देश के आर्थिक विकास को Catalyze कर सकता है.विकसित शहर आर्थिक विकास के नए सेंटर हो सकते हैं.केंद्र सरकार द्वारा गठित एक हाई-लेवल कमिटी ने अपनी रिपोर्ट ‘Pathways to Amrit Kaal' में ऐसी कई अहम सिफारिशें भारत सरकार के सामने रखी हैं.

हाई-लेवल समिति के चेयरमैन और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी केशव वर्मा ने एनडीटीवी से कहा कि सिंगापुर की आबादी सिर्फ 64 लाख है, लेकिन वहां सरकार ने शहरी विकास की योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए 1000 अर्बन प्लानर्स नियुक्त किए हैं. इसी तर्ज़ पर राज्य स्तर पर अर्बन प्लानिंग की व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए ज़रूरी होगा कि शुरुआती तौर पर भारत सरकार राज्यों को 2000 जूनियर लेवल के अर्बन प्लानर्स, 850 मिडिल लेवल के अर्बन प्लानर्स और 350 विशेषज्ञ नियुक्त करने के लिए ज़रूरी फंड्स मुहैया कराएं.

केशव वर्मा, चेयरमैन, हाई-लेवल कमिटी ने NDTV से कहा कि हमने सिफारिश की है कि देश में एक नेशनल अर्बन प्लैनिंग एंड रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी होना चाहिए. मैं मानता हूं कि इसका चीफ पैटर्न प्रधानमंत्री को होना चाहिए. अगर आप आधारभूत बदलाव लाना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री को इसे हेड करना चाहिए.

हाई लेवल कमिटी ने दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में नगर विकास परिषदों ( City Development Councils) और सभी जिलों में जिला आर्थिक विकास परिषदों (District Economic Development Councils) गठित करने की सिफारिश की है जिसकी अध्यक्षता प्रतिष्ठित बिज़नेस पर्सन्स को देने का सुझाव दिया है. कमिटी ने कहा है 50,000 अधिकारियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ओरिएंटेशन प्रोग्राम लांच करना जरूरी होगा. साथ ही, राष्ट्रीय स्तर पर एक आल इंडिया अर्बन प्लानिंग सर्विस गठित करना भी ज़रूरी होगा।. 
आपने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में IAS और IPS सेवाओं की तर्ज पर शहरी विकास के लिए एक विशेष ऑल इंडिया सर्विस गठित होना चाहिए। इसके पीछे सोच क्या है.
इसके जवाब में केशव वर्मा ने कहा कि देखिये, में एक IAS अधिकारी रहा हूं. मेरी बेसिक ट्रेनिंग ग्रामीण स्तर पर तहसीलदार फिर असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर हुई है. अधिकतर ब्यूरोक्रेट्स की ट्रेनिंग शहरी विकास के लिए नहीं हुई है. आज हमें एक नया सेवा भी सेटअप करना होगा जो शहरों के विकास की ज़रूरतों के लिए प्रशिक्षित हों.  

हाई-लेवल कमिटी का मानना है कि राज्य स्तर पर शहरी विकास के कानून पुराने हो चुके हैं, राज्यों को टाउन प्लानिंग को आधुनिकीकरण करने के लिए नया कानून बनाना होगा. इसके लिए भारत सरकार को एक मॉडल टाउन प्लानिंग लेजिस्लेटिव फ्रेमवर्क तैयार करना चाहिए। राज्य स्तर पर टाउन और कंट्री प्लानिंग के विभागों को भी पुनर्गठित करना बेहद जरूरी होगा. 

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