- ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल होने के बाद होर्मुजकई देशों के लिए बंद कर दिया गया
- भारत का नौवहन जहाज 'जग विक्रम' करीब 42 दिनों तक फंसे रहने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पार कर अरेबियन गल्फ पहुंचा
- पिछले चार हफ्तों में नौवीं बार भारतीय ध्वज वाला जहाज होर्मुज स्ट्रेट क्रॉस कर भारत की ओर बढ़ा है
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता इस्लामाबाद में विफल रही, जिससे दुनियाभर में ऊर्जा संकट के बादल फिर मंडराने लगे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने फिर होर्मुज को कई देशों के लिए फिर से बंद कर दिया है. होर्मुज से 2 सुपर टैंकरों को लौटा दिया गया है. हालांकि, इस बीच भारत का एक और जहाज हजारों मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर 'सेफ जॉन' में पहुंच गया है. भारत उन देशों में शामिल है, जिनके जहाज युद्ध के बीच लगातार होर्मुज पार कर भारत आ रहे हैं. पिछले करीब चार हफ़्तों में ये 9वां भारतीय ध्वज वाला जहाज है, जिसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को क्रॉस किया है. 'जग विक्रम' जहाज के 15 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है.
42 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसा रहा
मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से करीब 42 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे रहने के बाद भारतीय ध्वज वाला LPG टैंकर जग विक्रम अरेबियन गल्फ (Arabian Gulf) पहुंच गया है. मरीनट्रैफिक.कॉम साइट के मुताबिक, जग वसंत भारत के पश्चिमी तट की तरफ बढ़ रहा है. इस LPG टैंकर में 20,400 MT LPG का स्टॉक लोड किया गया है और इसमें 24 नाविक सवार हैं. अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के ऐलान के बाद ये पहला भारतीय-ध्वज वाला LPG टैंकर है जिसने होर्मुज स्ट्रेट को क्रॉस किया है.
होर्मुज में 15 जहाज अब भी फंसे
पिछले करीब चार हफ़्तों में ये 9वां भारतीय ध्वज वाला जहाज है, जिसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को क्रॉस किया है. शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, मध्य पूर्व विषय में जारी युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में अब भी 15 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. इनमें चार बड़े भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर शामिल है, जिन पर करीब 2 लाख मेट्रिक टन LPG लोड किया हुआ है. इस इलाके में पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है, और सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. भारत अपनी जरूरत का करीब 60% एलपीजी दुनिया भर के बाजारों से आयात करता है. मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने से पहले इसका 90 फ़ीसदी हिस्सा होर्मुज से होकर भारत पहुंचता था.
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पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा?
मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है. एलपीजी वितरकों में आपूर्ति बंद होने की कोई सूचना नहीं मिली है. उद्योग जगत में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में लगभग 98 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. सिलेंडर की हेराफेरी को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी में लगभग 93 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है. 10.04.2026 को 51.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए." 28 फरवरी को मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने के समय 28 भारत-ध्वजांकित जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में थे, जिनमें 24 पश्चिमी तरफ और चार जलमार्ग के पूर्वी हिस्से में थे.
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