विज्ञापन

ईरान संकट से सरकार सतर्क! भारतीय तेल कंपनियों से कहा उत्पादन बढ़ाओ - सूत्र

आपको बता दें कि रूस से भारत रोजाना 1.04 मिलियन बैरल क्रूड लेता है. यह प्रक्रिया 2022 से शुरू हुई तब तादाद कम थी जो लगातार बढ़ रही है और जारी रहेगी. ऐसे में एमआरपीएल रिफाइनरी के बंद होने की खबर गलत है.एमआरपीएल रिफाइनरी में पर्याप्त भंडार है.

ईरान संकट से सरकार सतर्क! भारतीय तेल कंपनियों से कहा उत्पादन बढ़ाओ - सूत्र
भारतीय तेल कंपनियों को सरकार से मिला निर्देश
NDTV
  • भारत के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे ईंधन से अधिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध हैं और भंडार की स्थिति मजबूत है
  • एमआरपीएल रिफाइनरी में पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार मौजूद है और रिफाइनरी के बंद होने की खबरें गलत हैं
  • भारत ने अमेरिका से LPG का आयात जनवरी 2023 में शुरू किया है और नवंबर 2025 तक आपूर्ति सुनिश्चित की है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

ईरान-इजरायल युद्ध का दायरा हर बीतते दिन के साथ और बढ़ता जा रहा है. मीडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर भारत सरकार भी नजर बनाए हुए है. सरकारी से जुड़े सूत्रों के अनुसार सरकार ने मौजूदा हालात की गंभीरता को देखते हुए देश के सभी LPG रिफाइनरी को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दे दिया है. सरकार का मानना है कि आज हमारे पास होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे ईंधन से कहीं अधिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध हैं.कच्चे तेल, तेल उत्पादों और एलपीजी के मामले में हमारी स्थिति बहुत अच्छी है.

मौजूदा भंडार के हिसाब से हम अच्छी स्थिति में हैं.हम अन्य भौगोलिक क्षेत्रों से अपनी आपूर्ति बढ़ाएंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति की कमी को पूरा करेंगे.हम 2022 से रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं.2022 में हम अपने कुल आयात का 0.2 प्रतिशत रूस से आयात कर रहे थे। फरवरी में हमने अपने कुल आयात का 20 प्रतिशत कच्चा तेल रूस से आयात किया.फरवरी में भारत ने रूस से प्रतिदिन 1.04 मिलियन बैरल का आयात किया.

आपको बता दें कि रूस से भारत रोजाना 1.04 मिलियन बैरल क्रूड लेता है. यह प्रक्रिया 2022 से शुरू हुई तब तादाद कम थी जो लगातार बढ़ रही है और जारी रहेगी. ऐसे में एमआरपीएल रिफाइनरी के बंद होने की खबर गलत है.एमआरपीएल रिफाइनरी में पर्याप्त भंडार है.सभी एलपीजी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.एलपीजी के भंडार के मामले में हम अच्छी स्थिति में हैं.

सूत्रों के अनुसार सरकार का मानना है कि हम घरेलू खपत को पूरा करने के लिए अपने पेट्रोकेमिकल का उपयोग करने की योजना है.जनवरी से अमेरिका से भारत में एलपीजी का आयात शुरू हो गया है.भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने नवंबर 2025 में अमेरिका के खाड़ी तट से 2026 के अनुबंध वर्ष के लिए लगभग 2.2 मीट्रिक टन प्रति वर्ष एलपीजी आयात करने के लिए एक साल का अनुबंध किया है.

यह भी पढ़ें: ईरान के 18 लाख के ड्रोन को 37 करोड़ की मिसाइल से गिरा रहा अमेरिका! कैसे अपने ही जाल में फंस गए ट्रंप

यह भी पढ़ें: 4 सालों की रूसी जंग से ज्यादा तबाही मिडिल ईस्ट ने 5 दिन में देखी! ईरान के ड्रोन अटैक पर जेलेंस्की का खुलासा

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com