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Exclusive: 1962 में शुरू हुई कोशिश, मोदी राज में मिली कामयाबी.. सेमीकंडक्टर पर अश्विनी वैष्णव ने क्या बताया?

देश की 320 से अधिक यूनिवर्सिटीज में अत्याधुनिक टूल्स की मदद से अब छात्र खुद माइक्रोचिप्स बना रहे हैं, जिससे भारत AI और टेक सेक्टर में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है.

Exclusive: 1962 में शुरू हुई कोशिश, मोदी राज में मिली कामयाबी.. सेमीकंडक्टर पर अश्विनी वैष्णव ने क्या बताया?
Ashwini Vaishnaw Exclusive: अश्विनी वैष्णव ने भारत के मिशन सेमीकंडक्टर के बारे में दी जानकारी
NDTV.in
नई दिल्ली:

भारत ग्लोबल स्तर पर 'चिप क्रांति' की दिशा में आगे बढ़ रहा है. देश में मिशन सेमीकंडक्टर पर तेजी से काम चल रहा है. केंद्रीय रेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की इस ऐतिहासिक तकनीकी बढ़त को लेकर NDTV से बात की. वैष्णव ने बताया कि भारत में माइक्रोचिप्स की मैन्युफैक्चरिंग के प्रयास 1962 से शुरू हुए थे. नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर में भी इस क्षेत्र में कई प्रयास हुए. लेकिन इसे सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में मिली. आज देश के कोने-कोने में यूनिवर्सिटी और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र माइक्रोचिप्स तैयार कर रहे हैं.

"'मिशन सेमीकंडक्टर'  पर हो रहा काम"

NDTV से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत में 'मिशन सेमीकंडक्टर' पर तेजी से काम चल रहा है. पीएम मोदी के प्रयासों का ही नतीजा है कि दो सेमीकंडक्टर प्लांट में प्रोडेक्शन शुरू हो चुका है. वहीं इसी साल जुलाई और दिसंबर में दो अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट्स चालू होने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर 60 और 70 के दशक में ही जमीन पर उतर जाते, तो आज भारत इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा होता. हालांकि माइक्रोचिप्स और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत को फायदा मिलना शुरू हो गया है.

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'भारत के छात्र बना रहे चिप और सेमीकंडक्टर'

उन्होंने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर और माइक्रोचिप्स को डेवलेप करने के लिए बहुत टैलेंट है. भारत में 320 यूनिवर्सिटी ऐसी हैं, जहां छात्रों के लिए सेमीकंडक्टर के टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं. यह टूल्स वही हैं, जो सेमीकंडक्टर प्लांट में इस्तेमाल किए जाते हैं. भारत के अलग-अलग शहरों और दूर-दराज के कोनों में बैठे छात्र अब खुद की माइक्रोचिप्स डिजाइन कर रहे हैं. ग्वालियर, इंदौर, धनबाद और रुड़की जैसे शहरों में छात्र इन्हें तैयार कर रहे हैं.

AI को लेकर क्या बोले अश्विनी वैष्णव?

अश्विनी वैष्णव ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी AI पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर एआई के डिप्लॉयमेंट यानी क्रियान्वयन पर ज्यादा काम किया है. हमारी आईटी इंडस्ट्री पर पूरी दुनिया भरोसा कर रही है. भारत का सबसे ज्यादा फोकस एप्लीकेशन लेयर पर है. आई इंडस्ट्री AI को ऐसे शिक्षा और हेल्थ जैसे क्षेत्रों में डिप्लॉय करने पर काम कर रही है.

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