विज्ञापन

भारत-चीन ने 6 साल बाद चालू किया रुका हुआ काम, नाथू ला पास पर अब लौटेगी रौनक; क्या है पूरा मामला?

यह तब हो रहा है जब विदेश सचिव विक्रम मिस्री चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट के वाइस मिनिस्टर H.E. सन हैयान के साथ मीटिंग और चीन का अपना ऑफिशियल दौरा शुरू कर रहे हैं.

भारत-चीन ने 6 साल बाद चालू किया रुका हुआ काम, नाथू ला पास पर अब लौटेगी रौनक; क्या है पूरा मामला?
फाइल फोटो
गैंगटोक:

भारत और चीन के रिश्तों में जमी बर्फ अब पिघलती नजर आ रही है. सिक्किम में ऐतिहासिक 'नाथू ला पास' के जरिए भारत और चीन के बीच होने वाला सीमावर्ती व्यापार 1 अगस्त से एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है. कोरोना महामारी और क्षेत्रीय तनाव के कारण पिछले 6 सालों से यह व्यापारिक रास्ता पूरी तरह से बंद पड़ा था. 

छह दशक पुरानी इस सिल्क रूट परंपरा की बहाली दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों के लिए एक नया अध्याय है. इसके साथ ही सिक्किम और आसपास के सीमावर्ती इलाकों की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने वाला एक बड़ा कदम भी साबित होगी.

6 साल का लंबा इंतजार

प्राचीन 'सिल्क रूट' सदियों से पूर्व और पश्चिम के बीच व्यापार, संस्कृति और विचारों के आदान-प्रदान का मुख्य केंद्र रहा है. सिक्किम वाला यह रास्ता दरअसल ल्हासा (तिब्बत) से शुरू होने वाले प्राचीन व्यापारिक मार्ग की ही एक शाखा है, जो चुंबी घाटी और नाथू ला पास से होते हुए पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक बंदरगाह ताम्रलिप्त तक जाती है.

दशकों के ठहराव के बाद, इस रास्ते पर 6 जुलाई 2006 को पहली बार आधिकारिक तौर पर भारत-चीन व्यापार फिर से शुरू किया गया था. तब से यह व्यापार हर साल मई से नवंबर के बीच (लगभग छह महीने) संचालित होता था.

हालांकि, 2020 में फैली कोविड महामारी के बाद से इसे पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया था. अब पूरे छह साल बाद, 1 अगस्त से एक बार फिर नाथू ला में व्यापारियों की चहल-पहल देखने को मिलेगी. इससे सिक्किम के स्थानीय कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और सीमावर्ती समुदायों को सीधे तौर पर आजीविका के नए साधन मिलेंगे.

रेलवे और नई सड़कों का काम तेज

व्यापार फिर से शुरू होने की खबर ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार सिक्किम के रणनीतिक और सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में पूरी ताकत झोंक रही है.

45 किलोमीटर लंबी सिवाक-रंगपो रेलवे लाइन का काम अब अपने अंतिम चरण में है. इतना ही नहीं, रंगपो से गैंगटोक और फिर आगे गैंगटोक से सीधे नाथू ला पास तक नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम भारतीय रेलवे ने शुरू कर दिया है.

राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) की ओर से ईस्ट सिक्किम में रंगली बाजार से भारत-तिब्बत सीमा के पास मेनला तक 93 किलोमीटर लंबा नया हाईवे बनाया जा रहा है. अक्सर भूस्खलन और बारिश के कारण बंद होने वाले नेशनल हाईवे 10 के विकल्प के रूप में NH-717A (बागराकोट से पाक्योंग तक 152 किमी) का निर्माण तेजी से जारी है.

केंद्र सरकार ने इसी साल चीन सीमा तक पहुंच को सुगम और मजबूत बनाने के लिए इस हाईवे को चौड़ा और अपग्रेड करने हेतु 770 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है.

भारत-चीन संबंधों के लिए क्यों अहम है यह कदम?

भले ही दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के कई मुद्दे अब भी पूरी तरह नहीं सुलझे हैं, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर व्यापार और जन-संपर्क की बहाली एक सकारात्मक संकेत है. इससे पहले साल 2025 में नाथू ला पास के रास्ते हिंदुओं की पवित्र 'कैलाश मानसरोवर यात्रा' को भी फिर से बहाल किया जा चुका है. 

यह भी पढ़ें: Exclusive: सैटेलाइट से दिखा, भारत के नजदीक चीन ने 11 स्टील्थ फाइटर जेट J20 तैनात किए; नई दिल्ली की क्या तैयारी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
China, China India, Nathu La
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com