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'भारत ने न्यूक्लियर प्रोग्राम के दूसरे चरण में बनाई बड़ी उपलब्धि', PM मोदी ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को दी बधाई

मार्च 2024 में पीएम मोदी ने इसी रिएक्टर के 'कोर लोडिंग' प्रक्रिया की शुरुआत का निरीक्षण किया था, जो इसके संचालन की दिशा में पहला बड़ा कदम था.

'भारत ने न्यूक्लियर प्रोग्राम के दूसरे चरण में बनाई बड़ी उपलब्धि', PM  मोदी ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को दी बधाई
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी असैन्य परमाणु ऊर्जा की यात्रा में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा किया है.
  • कल्पक्कम में स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है.
  • यह उन्नत रिएक्टर अपनी खपत से अधिक ईंधन उत्पन्न करने में सक्षम है जो वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाता है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि आज, भारत अपनी सिविल न्यूक्लियर यात्रा में एक अहम कदम उठा रहा है, अपने परमाणु कार्यक्रम के दूसरे स्टेज को आगे बढ़ा रहा है. पीएम मोदी ने आगे लिखा कि कलपक्कम में देश में डिजाइन और बनाया गया प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर क्रिटिकैलिटी पर पहुंच गया है.

उन्होंने लिखा कि यह एडवांस्ड रिएक्टर, जो अपनी खपत से ज्यादा फ्यूल बना सकता है, हमारी साइंटिफिक क्षमता की गहराई और हमारे इंजीनियरिंग एंटरप्राइज की ताकत को दिखाता है. यह प्रोग्राम की तीसरे स्टेज में हमारे बड़े थोरियम रिजर्व का इस्तेमाल करने की दिशा में एक अहम कदम है. भारत के लिए गर्व का पल. हमारे साइंटिस्ट और इंजीनियर को बधाई.

पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को भारत की नागरिक परमाणु यात्रा का सबसे निर्णायक कदम बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एडवांस रिएक्टर हमारे वैज्ञानिक कौशल की गहराई का प्रमाण है. क्रिटिकैलिटी की श्रेणी में आने से भारत के पास अपनी खपत से कहीं ज्यादा ईंधन पैदा करने की ताकत हो सकती है. भारत ने अब थोरियम बना पाने की उपलब्धि हासिल कर ली.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शान ने एक्स पोस्ट में लिखा,  'हमारे असैनिक परमाणु कार्यक्रम में एक नया युग. कल्पक्कम में 'प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' के निर्माण में मिली शानदार सफलता के लिए हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई. ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक वर्चस्व की दिशा में एक विशाल कदम, यह सुविधा हमारे विशाल थोरियम भंडारों में छिपी शक्ति को उजागर करने और भारत को 'विश्व की ऊर्जा महाशक्ति' बनाने के मोदी जी के विज़न को साकार करने में एक निर्णायक भूमिका निभाएगी.

बता दें कि इससे पहले, मार्च 2024 में पीएम मोदी ने इसी रिएक्टर के 'कोर लोडिंग' प्रक्रिया की शुरुआत का निरीक्षण किया था, जो इसके संचालन की दिशा में पहला बड़ा कदम था. अब क्रिटिकैलिटी हासिल करने के साथ ही भारत रूस के बाद व्यावसायिक रूप से फास्ट ब्रीडर रिएक्टर संचालित करने वाला दुनिया का दूसरा देश बनने की राह पर है.

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