अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत और चीन समेत कई देशों पर नए टैक्स (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा की है. इनमें भारत पर 27% और चीन पर 34% अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा. चीन पर पहले से लगे टैक्स के साथ मिलाकर कुल 54% शुल्क हो जाएगा. जिसमे 5 अप्रैल से अमेरिका 10% बेसिक टैक्स लगाएगा. 9 अप्रैल 2025 से भारत पर 27% अतिरिक्त टैक्स लगेगा. इस नए टैक्स से भारत को कुछ नुकसान हो सकते हैं. लेकिन एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत 4 सेक्टरों में चीन को पीछे छोड़कर नंबर 1 बन सकता है. यानी अमेरिका के इस कदम से भारतीय उद्योगों को फायदा भी मिल सकता है.
कैसे होगा भारत को फायदा?
अमेरिका ने भारत, चीन और कुछ एशियाई देशों से आने वाले सामान पर टैक्स (टैरिफ) बढ़ा दिया है. इससे इन देशों का सामान अमेरिका में महंगा हो जाएगा. लेकिन इसका फायदा भारत को मिल सकता है. अब ये कैसे होगा ये समझिए.
- चीन पर 54% टैक्स लगेगा, जबकि भारत पर सिर्फ 27%
- मान लो, चीन से कोई सामान 100 रुपये का आता था, अब वह 154 रुपये का होगा
- अगर भारत वही सामान 120-130 रुपये में बेचे, तो अमेरिका भारत से सामान खरीदेगा क्योंकि यह सस्ता होगा
जिससे भारतीय कंपनियों को ज्यादा ऑर्डर मिलेंगे, नए रोजगार पैदा होंगे. भारत का निर्यात बढ़ेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को फायदा होगा. आसान भाषा में अगर कहें तो अमेरिका ने चीन का सामान महंगा कर दिया है, इसलिए भारत अब उसकी जगह ले सकता है और अपना व्यापार बढ़ा सकता है.
भारत का कपड़ा उद्योग अब बढ़त में है, क्योंकि अमेरिका ने चीन और बांग्लादेश से आने वाले कपड़ों पर ज्यादा टैरिफ लगा दिए हैं. इससे भारतीय कपड़े सस्ते हो जाएंगे और अमेरिकी रिटेलर्स भारत से सामान खरीदने को मंजूरी देंगे. इसके अलावा, कई बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स भी बांग्लादेश और चीन से अपना उत्पादन भारत में लाने का सोच रहे हैं, ताकि वे बढ़े हुए टैरिफ से बच सकें.इसी तरह, इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में भी भारत को फायदा हो सकता है. अमेरिका ने वियतनाम और थाईलैंड से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम सामानों पर ज्यादा टैरिफ लगा दिए हैं, जिससे भारत एक बेहतर विकल्प बन सकता है. इस तरह, भारत को अमेरिका के टैरिफों के कारण लाभ मिलने की उम्मीद है.
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