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EXCLUSIVE : NEET पेपर लीक में गिरफ्तार मनीषा हवलदार को दिन की CBI रिमांड, वकील का दावा- सवाल मैच नहीं करते

NEET पेपर लीक केस में गिरफ्तार मनीषा हवलदार के वकील अखिल रेक्सवाल का बड़ा दावा. उन्होंने कहा कि मनीषा के पास मिले सवाल और लीक पेपर मैच नहीं कर रहे हैं, CBI के पास कोई सबूत नहीं है.

नीट पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा हवलदार के वकील अखिल रेक्सवाल ने दावा किया है कि मनीषा के पास मिले सवाल और लीक हुए असली पेपर के सवाल मैच नहीं कर रहे हैं.

NEET-UG Paper Leak 2026 : नीट यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मनीषा हवलदार के वकील अखिल रेक्सवाल (Akhil Rexwal) ने सीबीआई की थ्योरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं. वकील का साफ कहना है कि सीबीआई आठ दिनों की कस्टडी के बाद भी मनीषा के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है. मनीषा हवलदार के वकील अखिल रेक्सवाल ने एनडीटीवी से बातचीत में दावा किया कि जो प्रश्न पत्र लीक होने की बात कही जा रही है, उसके सवाल और मनीषा हवलदार के पास से मिले सवाल आपस में मैच नहीं हो रहे हैं. वकील ने कहा, "आरोपों में कहा गया था कि मनीषा के पास लीक प्रश्न पत्र थे, लेकिन हकीकत यह है कि दोनों के सवालों में कोई सीमिलरिटी नहीं है. 

एक भी सवाल मैच नहीं हो रहा

मनीषा हवलदार के वकील ने एनडीटीवी से बात करते हुए साफ कहा कि उनकी क्लाइंट पिछले 8 दिनों से PC में हैं. जांच अधिकारी ने उनके घर और लॉकर्स की पूरी तलाशी ली है, लेकिन वहां से किसी तरह की कोई मनी रिकवरी नहीं हुई है.

जब वकील से पूछा गया कि क्या मनीषा द्वारा छात्रों को दिए गए सवालों में कुछ समानता है? तो उन्होंने जवाब दिया एक टीचर होने के नाते स्टूडेंट्स कोजरूरी सवाल बताना उनकी ड्यूटी थी. उन्होंने मल्टीपल क्वेशच्न बताए थे, लेकिन सीबीआई जिस लीक पेपर का दावा कर रही है, उससे मनीषा के सवाल मैच नहीं हो रहे हैं. मुश्किल से दो या तीन सवाल ऐसे हैं जो सिमिलर हैं, लेकिन उनकी लैंग्वेज भी पूरी तरह अलग है.

सह आरोपी से लिंक जोड़ने की कोशिश

सीबीआई द्वारा कोर्ट से 6 दिनों की कस्टडी मांगे जाने और कोर्ट द्वारा 5 दिन की मंजूरी देने पर वकील ने कहा कि जांच एजेंसी सिर्फ लिंक जोड़ने की कोशिश कर रही है. मनीषा को पुणे से गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई का कहना है कि इस मामले के एक अन्य सह-आरोपी (Co-accused) के बयान के आधार पर मनीषा का नाम सामने आया है, जबकि डिस्क्लोजर स्टेटमेंट में ऐसा कुछ नहीं है.  एक अन्य आरोपी से लिंक जोड़ने के सवाल पर वकील ने स्पष्ट किया कि दोनों का रोल बिल्कुल अलग है, मनीषा सिर्फ एक टीचर हैं.

खराब सेहत और परिवार पर दबाव

वकील ने कोर्ट में मनीषा हवलदार की खराब सेहत का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने बताया कि मनीषा हाई ब्लड प्रेशर (BP) और मस्कुलर पेन से पीड़ित हैं. कोर्ट में इसके लिए दवाइयां उपलब्ध कराने की याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही वकील ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी को मनीषा के खिलाफ कुछ नहीं मिला, इसलिए अब उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस भेजकर पूछताछ की जा रही है.

कोर्ट ने मनीषा हवलदार को दो दिन की CBI कस्टडी दी

मनीष के वकील अखिल रेक्सवाल ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा कि पिछली तारीख पर जो मुद्दे उठाए गए थे. वही मुद्दे अब CBI ने फिर उठाए हैं. 22 मई को कस्टडी दी गई थी. CBI ने जो कुछ भी मांगा, हमने सब दिया. लेकिन CBI को अभी तक कुछ नहीं मिला है. वहीं CBI ने कहा, इसमें कितने स्टूडेंट शामिल हैं. इसकी जांच ज़रूरी है.

एडवोकेट अखिल रेक्सवाल ने कोर्ट के सामने कहा कि मनीषा हवलदार के सवाल मैच नहीं हुए. फिर भी CBI कस्टडी मांग रही है. अगर कोर्ट कस्टडी देना भी चाहे तो एक दिन के लिए दे. लेकिन दो दिन के लिए न दे. दूसरी ओर कोर्ट ने मनीषा को सोमवार को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है है. साथ ही अदालच ने CBI को मनीषा हवलदार की हैंडराइटिंग और सिग्नेचर के सैंपल लेने की भी इजाज़त दे दी है.

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