- लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा में अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है.
- उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए सुविधाएँ नहीं दी.
- उन्होंने बताया कि बस्तर के हर गांव में स्कूल, राशन की दुकान और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं.
'नक्सल मुक्त भारत' पर लोकसभा में चल रही चर्चा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए पिछली सरकारों पर तीखा हमला किया. अमित शाह ने कहा, "आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है. नक्सलवाद के जो लोग यहां वकालत कर रहे थे, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि मोदी सरकार में वहां के लोगों को जो सुविधाएँ मिलीं, वे 1970 से अब तक क्यों नहीं मिलीं? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों के लिए विपक्ष को दर्द, लेकिन हमारे लिए देश जरूरी हैं.
अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने कहा, "...माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं आपका आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि आपने आज हमें यहां इस चर्चा को करने की अनुमति दी... आखिरकार संसद में घटनाओं की एक ऐसी शृंखला पर चर्चा हो रही है—जो 1970 से लेकर 2026 तक फैली हुई है—और जिसका हमारे राष्ट्र तथा हम सभी के लिए गहरा महत्व है."
बस्तर में विकास रुक गया था, अब बस्तर विकसित हो रहाः अमित शाह
अमित शाह ने आगे कहा कि बस्तर में विकास इसलिए रुक गया था क्योंकि वहां लाल आतंक की परछाई थी. विकास नहीं होने के कारण वह परछाई नहीं आई, उस परछाई के कारण विकास नहीं हुआ. अब यह परछाई हट रही है और बस्तर विकसित हो रहा है.
Speaking in the Lok Sabha on India's Decisive Fight Against Naxalism, under the Leadership of PM Shri @narendramodi Ji. https://t.co/nlr3ksjBfI
— Amit Shah (@AmitShah) March 30, 2026
मोदी सरकार की सबसे बड़ी सिद्धि नक्सल मुक्त भारतः अमित शाह
उन्होंने यह भी कहा कि 12 राज्यों को रेड कॉरिडोर बना दिया गया और वहां क़ानून का शासन समाप्त कर दिया गया. 12 करोड़ लोग गरीबी के अंदर सालों तक जीते रहे. दोनों तरफ़ से 20 हज़ार युवा मारे गए, कई दिव्यांग बन गए, आख़िर इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? अमित शाह ने यह भी कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी सिद्धि नक्सल-मुक्त भारत है; यह कोई भी रिसर्चर स्वीकार करेगा.
बस्तर के हर गांव में स्कूल, राशन की दुकान खोलने की शुरू की गई मुहिमः अमित शाह
अमित शाह ने कहा, "आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है. बस्तर के हर एक गांव में स्कूल खोलने के लिए एक अभियान चलाया गया. इस क्षेत्र के हर गांव में राशन की दुकान खोलने के लिए एक मुहिम शुरू की गई. हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं. लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं, और अब उन्हें 5 किलोग्राम अनाज मिल रहा है. मैं बस उन लोगों से यह पूछना चाहता हूँ जो यहां नक्सलवाद की वकालत कर रहे थे, लोगों को अब तक ये लाभ क्यों नहीं मिले?... बस्तर के लोग इसलिए पीछे रह गए क्योंकि इस क्षेत्र पर 'लाल आतंक' का साया मंडरा रहा था इसीलिए विकास उन तक नहीं पहुँच पाया. आज, वह साया हट गया है, और बस्तर अब विकास के पथ पर अग्रसर है."
यह भी पढे़ं - लोकसभा में नक्सल मुक्त भारत पर चर्चा, पढ़ें पल-पल के अपडेट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं