Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक हाई-प्रोफाइल कानूनी जंग छिड़ गई है. हाल ही में मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुए संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार (Corruption) के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल विनय शर्मा (Vinay Sharma) और पूर्व RERA चेयरमैन श्रीकांत बाल्दी (Shrikant Baldi) के खिलाफ मानहानि (Defamation) का मुकदमा दर्ज कराया है.
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला एडमिनिस्ट्रेटिव इन्टरफियरेंस, बेनामी संपत्ति और अवैध धन के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोपों के इर्द-गिर्द घूमता है. विनय शर्मा ने 24 मार्च 2026 को गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें सोलन के चेस्टर हिल प्रोजेक्ट (Chester Hill Project) को लेकर जमीन सौदे में अनियमितता का दावा किया गया था. अब इसी को आधार बनाकर संजय गुप्ता ने शिमला के छोटा शिमला पुलिस स्टेशन (Chotta Shimla Police Station) में शिकायत दी है कि उनके खिलाफ लगाए गए ये सभी आरोप दुर्भावनापूर्ण थे.
पूर्व CS की सफाई
संजय गुप्ता ने अपने ऊपर लगे बेनामी संपत्ति और पदों के दुरुपयोग के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विवादित जमीन की रजिस्ट्री जुलाई 2025 में हुई थी, जबकि उन्होंने मुख्य सचिव का पद 1 अक्टूबर 2025 को संभाला था. उन्होंने दावा किया कि इस खरीदारी में इस्तेमाल किए गए 75 लाख रुपये उनके बैंक खाते से वैध तरीके से निकाले गए थे, जिसका पूरा रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों में मौजूद है.
FIR में कौन-कौन सी धाराएं?
पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं. भारतीय न्याय संहिता की धारा 248 (किसी को परेशान करने के लिए झूठे आपराधिक आरोप लगाना), 351 (आपराधिक धमकी) और 356(2) (मानहानि) के तहत यह कार्रवाई की गई है. संजय गुप्ता ने इन दोनों अधिकारियों पर मीडिया के माध्यम से आधारहीन आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को धूमिल करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है.
विनय शर्मा ने किया पलटवार
इस कानूनी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए विनय शर्मा ने इसे 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' जैसी स्थिति करार दिया है. उन्होंने सवाल उठाया है कि उनके द्वारा तीन महीने पहले दर्ज कराई गई शिकायत पर पुलिस अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है, जबकि अब उन्हें ही एक ऐसे मामले में फंसाया जा रहा है, जो पहले से ही हाई कोर्ट के विचाराधीन है.
फिलहाल संजय गुप्ता हिमाचल प्रदेश से रिटायर होने के बाद अब पंजाब राज्य विद्युत विनियामक आयोग (PSERC) के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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