- राम-रहीम को जिला कारागार सुनारिया से डेरा सच्चा सिरसा के लिए 40 दिन की पैरोल मिली है
- यह पैरोल डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु शाह सतनाम जी के जन्म माह के अवसर पर दी गई है
- राम-रहीम को 2017 में बलात्कार के मामलों में 20 साल की सजा सुनाई गई थी और तब से यह उनकी 15वीं बार पैरोल है
रेप मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद जेल में बंद गुरमीत राम-रहीम को फिर से 40 दिन की पैरोल मिल गई है. जिला कारागार सुनारिया से डेरा सच्चा सिरसा के लिए 40 दिन की पैरोल मंजूर हुई है. राम-रहीम रोहतक की सुनारिया जेल से थोड़ी देर में निकलेंगे और सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के लिए रवाना होंगे. पिछले 8 वर्षों में यह 15वीं बार है जब बाबा राम रहीम जेल से बाहर आएंगे, 2026 में यह उनकी पहली रिहाई होगी.
पैरोल उन्हें डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु शाह सतनाम जी के जन्म माह के अवसर पर दी गई है. बाबा राम रहीम के सिरसा आगमन से पहले डेरा सच्चा सौदा में तैयारियां शुरू हो गई हैं और वहां हलचल तेज हो गई है. राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने पर सियासत भी गरमाती रहती है. इस साल उसकी यह चौथी और 2017 में सजा मिलने के बाद से 15वीं बार रिहाई है. पिछली बार पैरोल अवधि 40 दिनों की थी. इस बार भी इतने ही दिनों की पैरोल मंजूर हुई है.
इससे पहले, राम रहीम को अप्रैल में 21 दिनों की फरलो और जनवरी में 30 दिनों की पैरोल दी गई थी. राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है. राम- रहीम 2017 में बलात्कार के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद एक बार फिर से बाहर जाएगा. राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिला अनुयायियों के साथ बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी. इस सजा के बाद पंचकूला और सिरसा में भयंकर हिंसा हुई थी, जिसमें 40 के आसपास लोग मारे गए थे.
साल 2019 में पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने उसे पत्रकार रामचंद्र की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई थी. हालांकि, राम रहीम की पैरोल पर लगातार आपत्तियां उठती रही हैं.
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