- संविधान के 31वें संशोधन बिल को लोकसभा में दो-तिहाई समर्थन न मिलने के कारण पास नहीं किया जा सका
- कांग्रेस नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक के असंवैधानिक प्रयास और मोदी सरकार की आलोचना की है
- भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर महिला आरक्षण का विरोध करने और देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया
लंबी बहस और मतभेदों के बीच शुक्रवार को संविधान का 31वां संशोधन बिल लोकसभा में गिर गया. बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई वोट की जरूरत होती है. लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े, जो दो तिहाई से बहुत कम हैं. कुल मिलाकर महिला आरक्षण कानून पास नहीं हो पाया. अब राजनीतिक गलियारों में कोई बिल पास न होने को सही बता रहा है तो कोई गलत करार दे रहा है. पक्ष से विपक्ष तक, जानें किसके क्या कहा.
कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संशोधन विधेयक गिर गया. उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया. भारत ने देख लिया. INDIA ने रोक दिया.
संशोधन विधेयक गिर गया।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 17, 2026
उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया।
भारत ने देख लिया।
INDIA ने रोक दिया।
जय संविधान।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण इस देश की महिलाओं का हक है जो उनको मिलने से कोई नहीं रोक सकता। एक दिन यह हकीकत में परिवर्तित होकर रहेगा. मगर बदनीयती से इसे 2011 की जनगणना और उस पर आधारित परिसीमन से जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का महिलाओं का मसीहा बनने का खोखला प्रयास आज नाकाम रहा.
संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण इस देश की महिलाओं का हक है जो उनको मिलने से कोई नहीं रोक सकता। एक दिन यह हकीकत में परिवर्तित होकर रहेगा।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) April 17, 2026
मगर बदनीयती से इसे 2011 की जनगणना और उस पर आधारित परिसीमन से जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का महिलाओं का मसीहा बनने का खोखला…
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि जनता के बढ़ते विरोध और आक्रोश से ध्यान हटाने के लिए साज़िशन लाए गए ‘तथाकथित महिला आरक्षण बिल' की हार बीजेपी की हार है. ये बीजेपी की बदनीयत की भी हार है.
जनता के बढ़ते विरोध और आक्रोश से ध्यान हटाने के लिए साज़िशन लाए गए ‘तथाकथित महिला आरक्षण बिल' की हार भाजपा की हार है। ये भाजपा की बदनीयत की भी हार है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 17, 2026
भाजपा का हर प्रयास, हर बिल या तो कुछ लोगों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए होता है या समाज को बाँटने का छल-छलावा होता है। इस बार भाजपा… pic.twitter.com/Gf6TQ3u4Q9
ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल ने कहा कि 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 800 से अधिक करने के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने से 'सत्य की जीत हुई है.' बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक नहीं, बल्कि विवादास्पद परिसीमन विधेयक (131वां संवैधानिक संशोधन) पराजित हुआ है. उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन विधेयक से अलग करने की मांग की थी.
एक सोचा-समझा षड्यंत्र
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने NDA पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व में पारित महिला आरक्षण कानून को रोकने के लिए लाया गया नया विधेयक एक सोचा-समझा षड्यंत्र साबित हुआ है. पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पूरी सरकार को यह भली-भांति ज्ञात था कि विपक्ष के सहयोग के बिना इतना महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सकता, इसके बावजूद विपक्षी दलों को विश्वास में लेने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया.
पूर्व में पारित हो चुके महिला आरक्षण कानून को रोकने के लिए एनडीए सरकार द्वारा लाया गया विधेयक एक षड्यंत्र साबित हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह सहित पूरी सरकार को यह पहले दिन से मालूम था कि यह बिल विपक्ष के सहयोग के बिना पास नहीं हो सकता; इसके…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 17, 2026
बीएसपी चीफ मायावती ने कहा कि देश के SC, ST व OBC समाज के संवैधानिक/क़ानूनी अधिकारों आदि के मामले में, कांग्रेस भी गिरगिट की तरह अपना रंग बदलने वाली यह पार्टी भी, महिला आरक्षण में, जो अब इन वर्गों की बात कर रही है, तो यही कांग्रेस पार्टी है जिसने अपनी केन्द्र की सरकार के रहते हुए किसी भी क्षेत्र में इनके आरक्षण के कोटे को पूरा कराने की कभी पहल नहीं की है.
1. देश के SC, ST व OBC समाज के संवैधानिक/क़ानूनी अधिकारों आदि के मामले में, कांग्रेस भी गिरगिट की तरह अपना रंग बदलने वाली यह पार्टी भी, महिला आरक्षण में, जो अब इन वर्गों की बात कर रही है, तो यही कांग्रेस पार्टी है जिसने अपनी केन्द्र की सरकार के रहते हुये किसी भी क्षेत्र में इनके…
— Mayawati (@Mayawati) April 17, 2026
TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लोकसभा में परिसीमन विधेयक के पारित नहीं होने संबंधी घटनाक्रम से बीजेपी की बेचैनी सबके सामने आ गई है. उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘लोकसभा में परिसीमन विधेयक के पारित नहीं होने से जो स्थिति बनी है, उससे भाजपा की बेचैनी सबके सामने उजागर हो रही है.'
The fallout from the defeat of the Delimitation Bill in the Lok Sabha is exposing the BJP's discomfort for all to see.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) April 17, 2026
The Women's Reservation Act guaranteeing 33 % reservation for women has been in force since 16 April 2026. It was passed unanimously in September 2023.
If the… pic.twitter.com/0GYmPoLog7
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाते हुए लोकसभा में कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके ‘रास्ते का रोड़ा' कौन है और विपक्ष के नेताओं को चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा.उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों से नारी शक्ति हिसाब मांगेगी.
देश की महिलाएँ देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है… जब आप चुनाव में जाओगे, तो मातृशक्ति हिसाब माँगेगी, तब आपको भागने के लिए रास्ता नहीं मिलेगा। pic.twitter.com/hSNZ7b62iO
— Amit Shah (@AmitShah) April 17, 2026
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि संसद में जो कुछ हुआ, वह सरासर विश्वासघात है. जब देश की महिलाओं के लिए खड़े होने का समय आया, तो कुछ लोगों ने कर्तव्य की जगह व्यवधान, सिद्धांतों की जगह राजनीति और प्रगति की जगह सत्ता को चुना. यह असहमति नहीं बल्कि महिलाओं को फैसले लेने में उनकी उचित जगह से वंचित करने का एक सुनियोजित प्रयास था.
What happened in Parliament today is a betrayal, plain and simple.
— Smriti Z Irani (@smritiirani) April 17, 2026
When the moment came to stand for India's women, some chose disruption over duty, politics over principle, and power over progress. This was not dissent. This was a calculated attempt to block women from their…
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विधेयक के पारित न हो पाने पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इन दलों ने ‘महिला विरोधी रुख' अपनाया और देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है.यह दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जा सकता था लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों के घोर विश्वासघात ने सब बेकार कर दिया.उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी तथा उनकी टीम के नेतृत्व वाले उसके महिला विरोधी गठबंधन ने देश की आधी आबादी के साथ घोर विश्वासघात किया है.
आज का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो सकता था, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस, DMK, TMC, समाजवादी पार्टी के ‘Anti Women Alliance' ने देश की आधी आबादी के हक पर चोट की है। महिलाओं की हिस्सेदारी और भागीदारी की हकमारी कर उन्होंने अपनी महिला-विरोधी सोच का परिचय दिया… pic.twitter.com/hmk9N5KRFX
— Nitin Nabin (@NitinNabin) April 17, 2026
भारत के लोकतंत्र के लिए काला दिन
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने महिला आरक्षण विधेयक की हार को भारत के लोकतंत्र के लिए एक काला दिन करार दिया. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह पल एकता और महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के साझा संकल्प की मांग करता था, लेकिन इसके बजाय इसने उस चीज को उजागर किया जिसे उन्होंने 'संकल्प की कमी' बताया.
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