नई दिल्ली:
- घोषणापत्र में 'यूक्रेन में व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति' का आह्वान किया गया है. सदस्य देशों से 'इलाकों पर कब्ज़ा करने के लिए ताकत के इस्तेमाल' या किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ कार्य करने से बचने का आग्रह किया गया है.
- सभी देश सस्टेनेबल डेवलेंपमेंट गोल पर काम करेंगे. भारत की पहल पर वन फ्यूचर अलायंस बनाया जाएगा. बायो फ्यूल एलायंस बनाया जाएगा. इसके फाउंडिंग मेंबर भारत, अमेरिका और ब्राजील होंगे.
- एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य पर जोर दिया जाएगा. मल्टीलेट्रल डेवलेपमेंट बैंकों को मजबूती दी जाएगी. उन्हें बेहतर, बड़ा और ज्यादा कारगर बनाया जाएगा.
- ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर जोर दिया जाएगा. क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक ग्लोबल पॉलिसी बनाने को लेकर बातचीत की जाएगी. ग्रीन और लॉ कार्बन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर काम किया जाएगा.
- कर्ज को लेकर बेहतर व्यवस्था बनाने को लेकर भारत ने कॉमन फ्रेमवर्क बनवाने की बात पर जोर दिया है. दुनिया में तेजी से विकास करने वाले शहरों को फंड किया जाएगा.
- जैव विविधता, वनों और महासागरों का संरक्षण करेंगे. भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए बेहतर तैयारी करेंगे. विकासशील देशों में ऋण संबंधी कमजोरियों पर काम किया जाएगा.
- एसडीजी पर प्रगति में तेजी लाने के लिए फंडिंग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है. तापमान लक्ष्य प्राप्त करने के लिए संसाधन बढ़ाने पर मंजूरी बनी है.
- अधिक प्रभावी बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबीएस) बनाए जाएंगे. डिजिटल सेवाओं और डिजिटल इन्फ्रा में सुधार पर भी सहमति बनी है.
- समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस किया जाएगा. महिलाओं की समान और प्रभावी भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है.
- अर्थव्यवस्था में निर्णय-निर्माता के रूप में महिलाओं की भागीदारी पर भी फोकस रहेगा. पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ विकास के रास्ते अपनाएं जाएंगे.
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