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नासिक TCS केस में 5 बड़े खुलासे, निदा खान ने कबूला- "मैं ही देती थी नमाज की ट्रेनिंग..."

नासिक TCS धर्मांतरण मामले में पुलिस चार्जशीट में कई चौंकानेवाली बातें सामने आई हैं. मुख्य आरोपी निदा खान ने पीड़िता को नमाज़ सिखाने और जबरन धर्मांतरण की साजिश की बात कबूल कर ली है.

नासिक TCS केस में 5 बड़े खुलासे, निदा खान ने कबूला- "मैं ही देती थी नमाज की ट्रेनिंग..."
नासिक TCS केस की चार्जशीट से सामने आए 5 बड़े खुलासे
  • नासिक के टीसीएस जबरन धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी निदा खान ने अपना जुर्म कबूल किया है
  • पुलिस को पीड़िता के मोबाइल से 37 इस्लामिक ऑडियो क्लिप्स और कई धर्म संबंधित ऐप्स मिले हैं
  • आरोपियों ने टीसीएस ऑफिस की 7वीं मंजिल पर स्थित कैफे को धर्मांतरण साजिश का मुख्य अड्डा बताया है
मुंबई:

नासिक स्थित टीसीएस ऑफिस से जुड़े यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण मामले में दाखिल पुलिस की चार्जशीट ने कई चौंकानेवाले खुलासे सामने आए हैं. मामले की मुख्‍य आरोपी निदा खान ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. निदा ने माना है कि वही पीड़िता को अपने घर ले जाकर नमाम पढ़ना सिखाती थी. पुलिस को मोबाइल से 37 इस्लामिक ऑडियो क्लिप्स और ऐप्स मिले हैं, जिन्‍हें जबरन पीड़िता के फोन में इंस्‍टाल किया गया था. आरोपियों ने पुलिस जांच में ये भी खुलासा किया है कि TCS ऑफिस का 7वीं मंजिल पर स्थित कैफे साजिश का मुख्‍य अड्डा था. यहीं पर बैठकर दानिश, निदा और तौसिफ पीड़िता के धर्मांतरण की पूरी साजिश रचते थे.    

पहला खुलासा : "अजमेर जाओ, संतान की गारंटी...", तौसिफ का पीड़िता को दावा

नासिक TCS धर्मांतरण मामले में पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने आधिकारिक बयान में एक और दावा किया है. पीड़िता के मुताबिक, आरोपी तौसिफ अत्तार ने उसकी व्यक्तिगत स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करते हुए उससे कहा था, "तुम्हें संतान नहीं हो रही है, मैं तुम्हें अजमेर के एक मौलवी का मोबाइल नंबर देता हूं. वहां जाकर आने के बाद तुम्हें गारंटी से बच्चा होगा." पुलिस अब इस अजमेर वाले एंगल और मौलवी के कनेक्शन की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है.

दूसरा खुलासा : निदा खान ने कबूला- "मैं ही देती थी नमाज़ की ट्रेनिंग"

नासिक TCS धर्मांतरण मामले में मुख्‍य आरोपी निदा ने पुलिस के सामने कई खुलासे किये हैं. शुरुआती पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने वाली महिला आरोपी निदा खान ने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया है. चार्जशीट के अनुसार, निदा ने माना कि वही पीड़िता को नमाज़ पढ़ना सिखाती थी. निदा खान खुद पुलिस टीम को अपने घर ले गई और उसने उस कमरे व कोने की शिनाख्त भी करवाई, जहां वह पीड़िता को बुलाकर नमाज़ पढ़ने की बकायदा ट्रेनिंग दिया करती थी.

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तीसरा खुलासा : मोबाइल से मिले 37 इस्लामिक ऑडियो क्लिप्स और ऐप्स

नासिक TCS धर्मांतरण केस शुरुआत में जितना सीधा लग रहा था, उनता है नहीं. पुलिस को इस मामले में मजबूत डिजिटल और तकनीकी सबूत हाथ लगे हैं. पीड़िता के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच के दौरान इस्लाम धर्म से जुड़ी कुल 37 ऑडियो क्लिप्स बरामद हुई हैं. इसके अलावा, मोबाइल में कई यूट्यूब लिंक्स और मुस्लिम धर्म से जुड़े 4 विशेष मोबाइल ऐप्स भी पाए गए हैं. पुलिस जांच में यह साफ हुआ है कि ये सभी ऐप्स आरोपी दानिश और निदा के कहने पर ही पीड़िता के फोन में इंस्टॉल कराए गए थे.

चौथा खुलासा : TCS ऑफिस का कैफे था साजिश का अड्डा

मामले में आरोपी तौसिफ अत्तार ने पुलिस पूछताछ में ये खुलासा किया है कि TCS ऑफिस का कैफे साजिश का मुख्‍य अड्डा था. तौसिफ के कबूलनामे के मुताबिक, धर्मांतरण की पूरी प्लानिंग कंपनी परिसर के भीतर ही की जा रही थी. TCS ऑफिस बिल्डिंग की 7वीं मंजिल पर स्थित कैफे केवल चाय-कॉफी के लिए नहीं, बल्कि इस साजिश को रचने का मुख्य केंद्र बन चुका था. यहां दानिश, निदा और तौसिफ बैठकर समय-समय पर पीड़िता के धर्मांतरण का पूरा खाका तैयार करते थे.

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पांचवां खुलासा : रमजान के महीने में पीड़िता पर रोजे रखने का दबाव

पुलिस जांच रिपोर्ट से सामने आया है कि साल 2025 के रमजान महीने के दौरान पीड़िता पर न सिर्फ मानसिक दबाव बनाया गया, बल्कि उसे जबरन इस्लामिक नियमों का पालन करने के लिए भी मजबूर किया गया. मुख्य आरोपी दानिश और तौसिफ अत्तार ने पीड़िता को पूरे 30 दिन के रोजे रखने के लिए कहा था. इस दौरान निदा खान उसे रमजान शुरू होने की तारीखें बताती थी, जबकि दानिश उसे रोजे रखने, सहरी और इफ्तार का सही समय तय करके देता था.

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पुलिस की चार्जशीट में शिकायतकर्ता, उसकी मां, टीसीएस के कर्मचारियों/प्रबंधन, यौन उत्पीड़न निवारण (पीओएसएच) समिति के सदस्यों और मामले के जांच अधिकारियों सहित 106 गवाहों के बयान शामिल हैं. महाराष्ट्र सरकार ने टीसीएस के नासिक ऑफिस में काम करने वाली कई महिला कर्मचारियों की ओर से यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के प्रयास की शिकायत किए जाने के बाद मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. टीसीएस ने स्पष्ट किया था कि उसकी किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है और नासिक कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है.

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