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पहले 21 जुलाई और अब 21 अगस्त… राहुल गांधी के “इंस्टेंट प्रोटेस्ट स्ट्रेटजी” की इनसाइड स्टोरी 

संसद मार्ग थाने के बाहर करीब छह घंटे तक चले राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली.

पहले 21 जुलाई और अब 21 अगस्त… राहुल गांधी के “इंस्टेंट प्रोटेस्ट स्ट्रेटजी” की इनसाइड स्टोरी 
राहुल गांधी ने पहले 21 जुलाई और अब 21 अगस्त को धरना दिया है.

संसद मार्ग थाने के बाहर करीब छह घंटे तक चले राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन से घायल हुए प्रदर्शनकारी छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली.  FIR दर्ज होने के बाद नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “ये न्याय की शुरुआत हुई है. एक महीना हो गया. इनके शरीर में छर्रे हैं. आँख से दिखाई नहीं देता. हम साढ़े ग्यारह बजे यहाँ आए, साढ़े छह बजे FIR हुई है. दिल्ली में न्याय नहीं मिल रहा. कल्पना कीजिए गाँव या छोटे शहर के पुलिस स्टेशन में क्या होता है? हमनें देश के नागरिक के लिए न्याय मांगा. उसके लिए आठ घंटे लग गए. FIR की अंतिम इजाज़त गृह मंत्री सचिव और गृह मंत्री ने दी. आप समझ जाइए कि FIR रोक कौन रहा था? पुलिस वाले FIR दर्ज करना चाहते थे. लेकिन ऊपर से न्याय पर ब्रेक लगी हुई है.”

पूरा मामला क्या है -

बीस जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल साहिल लोचब को कनॉट प्लेस इलाके में पैलेट गन के छर्रे लगे थे. इसके बाद उन्हें बगल के लेडी हार्डिंग अस्पताल और फिर एम्स में भर्ती कराया गया. FIR के मुताबिक साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे हैं और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई है. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद साहिल ने दस जनपथ पर राहुल गांधी से मुलाकात की थी. तब राहुल गांधी साहिल को लेकर मीडिया के सामने भी आए थे और उनकी पीड़ा सबके सामने बताई थी. 

राहुल गांधी संसद मार्ग थाने कैसे पहुंचे-

सूत्रों के मुताबिक साहिल चाहते थे कि इस मामले की FIR दर्ज हो. इसके लिए वो 14 और 17 अगस्त को अपने वकील के साथ थाने गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसकी जानकारी उन्होंने 19 जुलाई को राहुल गांधी को दी. राहुल ने उन्हें कहा कि अगली बार वो ख़ुद उनके साथ थाने चलेंगे. अगले दिन राजीव गांधी की जयंती से जुड़े कार्यक्रमों की व्यस्तता के कारण राहुल गांधी ने साहिल से 21 अगस्त को अपने घर आने को कहा. 

शुक्रवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे के करीब बिना किसी को कुछ बताए साहिल, उनकी मां और वकील के साथ राहुल गांधी कनॉट प्लेस थाने पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग की. थाने में पुलिस ने उन्हें डीसीपी ऑफिस जाने को कहा. 

संसद मार्ग थाने में क्या हुआ-

इसके बाद राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के परिसर में स्थित डीसीपी नई दिल्ली के दफ्तर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों ने राहुल गांधी को छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमिटी का हवाला दिया लेकिन नेता विपक्ष ने साफ़ कह दिया कि बिना FIR दर्ज कराए वो जाने वाले नहीं हैं चाहे जितने घंटे या दिन लग जाएं! 

इसके बाद राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के परिसर में ही साहिल और साहिल की माँ के साथ धरने पर बैठ गए. राहुल गांधी ने धरने पर बैठने की कोई तैयारी नहीं की थी. पार्टी नेताओं को इसकी जानकारी मीडिया से मिली. थोड़ी देर में प्रियंका गांधी भी संसद मार्ग थाने पहुंच गईं. खबर फैलते ही रणदीप सुरजेवाला, कुमारी सैलजा, जयराम रमेश जैसे कांग्रेस के बड़े नेता और कार्यकर्ता इकट्ठे होने लगे और नारेबाजी शुरू हो गई. राहुल गांधी ने एलान कर दिया कि बिना FIR वो नहीं हटेंगे. उन्होंने वहीं पर दोपहर का खाना खाया और पुलिस कार्रवाई का इंतज़ार करते रहे. राहुल गांधी के दबाव का असर हुआ और दिल्ली पुलिस ने आख़िरकार साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली. 

FIR में जिक्र है कि साहिल लोचब दिल्ली पुलिस में भर्ती होना चाहते थे. 2025 की दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में हुई कथित अनियमितता से वो नाराज थे. इसी वजह से नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ जंतर मंतर पर शुरू हुए छात्र आंदोलन में भाग लेने पहुंचे थे. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बीस जुलाई को बड़ी संख्या में छात्र-युवा संसद मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे. इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और ऐसी ही एक घटना की चपेट में साहिल भी आ गए. 

21 जुलाई को अचानक पीएम आवास पहुंच गए थे राहुल गांधी-

ठीक एक महीने पहले 21 जुलाई को, छात्रों पर हुए बलप्रयोग के ख़िलाफ़ राहुल गांधी पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए थे. उस दिन भी राहुल गांधी ने अचानक धरना-प्रदर्शन की योजना बनाई. संसद की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसदों को दोपहर तीन बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर इकट्ठा होने के लिए कहा गया था. खरगे का जन्मदिन होने की वजह से सांसदों को लगा कि यह बर्थडे पार्टी का न्यौता है. लेकिन अचानक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सांसदों के साथ मार्च करते हुए पीएम आवास के गेट पर पहुंच कर धरने पर बैठ गए. 

आनानफ़ानन में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से बात करने पहुंचे लेकिन राहुल शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े पर अड़ गए. राहुल गांधी के साथ खरगे भी धरने में शामिल थे. कुछ समय बाद अखिलेश यादव समेत इंडिया गठबंधन में शामिल अन्य दलों के सांसद भी पहुँच गए. करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और सभी नेताओं को हिरासत में ले कर हटाया. चार दिन बाद शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. हालांकि इसका श्रेय कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को दिया गया. 

सड़क से संसद तक राहुल का हल्ला बोल-

पूरे मानसून सत्र में राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार की नाक में दम कर दिया. गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्ष ने सदन के अंदर और बाहर जमकर प्रदर्शन किया. हालांकि सत्र के आख़िरी हफ़्ते में जब सरकार पुलिस कार्रवाई पर चर्चा और गृह मंत्री के बयान के लिए राज़ी हो गई तो भी विपक्ष ने हंगामा ख़त्म नहीं किया और आख़िरकार अमित शाह सदन में नहीं बोल पाए. गृहमंत्री को कटघरे में खड़ा करते हुए राहुल गांधी लगातार यह सवाल पूछते रहे कि पैलेट गन चलाने की इजाज़त किसने दी? 

राहुल गांधी संसद के बाद अब सड़क पर सरकार को झुकने के लिए विवश कर रहे हैं. दो दिन पहले कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सरकार के ख़िलाफ़ आक्रामक रुख़ अख़्तियार करने का सुझाव दिया था. महीने भर में दूसरी बार सड़क पर उतर कर राहुल गांधी ने साफ़ कर दिया है वो अब आर-पार के मूड में हैं.

यह भी पढ़ें- पैलेट गन मामले में राहुल गांधी के धरने के बाद शिकायत दर्ज, जानिए FIR में क्या लिखा है?

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