नए कृषि कानूनों (Farm Law) को लेकर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार और किसान नेताओं के बीच शनिवार को 5वें दौर की वार्ता बेनतीजा रही. किसान नेताओं के अनुसार, केंद्र सरकार ने कहा है कि वह 9 दिसंबर को उनकी मांगों पर ठोस प्रस्ताव देगी. किसान इस पर चर्चा करेंगे और फिर उस दिन बैठक होगी. वहीं बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) भी मीडिया के सामने आए. तोमर ने कहा, किसानों को मोदी सरकार पर भरोसा रखना चाहिए. सरकार जो भी फैसले लेगी, उनके हित में करेगी. उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए किसानों की सराहना भी की. केंद्र सरकार ने किसानों से आंदोलन (Farmers Protest) खत्म करने का अनुरोध किया है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 5वें दौर की वार्ता के बाद कहा, किसान आंदोलन खत्म कर दें ताकि ठंड में उन्हें असुविधा न हो और दिल्ली (Delhi) के नागरिकों को भी परेशानी न हो.
बैठक में किसान प्रतिनिधियों (Farmer leaders) ने सरकार से पिछली बैठक में उठाए गए 39 बिन्दुओं पर लिखित जवाब मांगा था. सरकार ने कृषि कानूनों (Farm laws) पर इन आपत्तियों के समाधान को लेकर किसान संगठनों को लिखित प्रस्ताव दिया है. सूत्रों का कहना है कि सरकार कृषि कानूनों में कुछ संशोधन को तैयार है. इससे पहले शनिवार सुबह प्रधानमंत्री आवास पर हाईलेवल मीटिंग हुई. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल मौजूद थे. माना जा रहा है कि बैठक में किसान आंदोलन को खत्म कराने के लिए चर्चा की गई और पीएम (Narendra Modi) ने मंत्रियों को उस दिशा में जरूरी दिशानिर्देश दिए हैं..
उधर, कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन (Farmers Protest) की वजह से कई सड़कों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है. दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को भी ट्रैफिक के लिए बंद किया गया है. लोगों को दिल्ली आने के लिए लिंक रोड के बजाये डीएनडी (DND) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. किसान आंदोलन को देखते हुए कई रास्तों को बंद करने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने आम लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है.
किसान नेता तीनों कृषि कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं, जबकि सरकार उनमें बदलाव करने को तैयार है. इस तरह दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बरकरार है. उधर, दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला बॉर्डर (Chilla Border) पर भी किसान तीनों कृषि कानून के खिलाफ लगातार बैठकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. एक किसान ने कहा कि अगर सरकार संग बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है तो संसद भवन का घेराव करेंगे.