
मुंबई:
नोटबंदी के दौरान होने वाली दिक्कत को देखते हुए किसानों को फसली कर्ज चुकाने के लिए दो महिने की छूट दी गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा कि 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी को देखते हुए यह तय किया गया है कि जिन किसानों ने अल्पकालिक फसल ऋण लिया है और जिनकी कर्ज चुकाने की तिथि एक नवम्बर से 31 दिसम्बर के बीच खत्म हुई है, उन्हें भुगतान के लिए अतिरिक्त 60 दिनों की रियायत अवधि दी जाएगी.
भारतीय रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि नोटबंदी के बाद समय पर कर्ज की अदायगी के लिए किसानों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने यह तय किया है कि उन्हें कर्ज भुगतान के लिए 60 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाए और उन्हें 3 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि भी दी जाए. यह उनके लिए है जिनका फसल कर्ज भुगतान का समय एक नवंबर से 31 दिसंबर के बीच पड़ता है.
वर्तमान समय में फसल कर्ज पर 2 प्रतिशत वार्षिक छूट के अलावा वर्ष 2016-17 के लिए ब्याज में अलग से 3 प्रतिशत की रियायत है, बशर्ते किसान कर्ज भुगतान की वास्तविक तिथि या बैंक द्वारा तय की गई तिथि तक उसकी अदायगी कर दे. यह लाभ वैसे किसानों को नहीं मिलेगा जो इस तरह का कर्ज लेने के एक साल बाद भुगतान करते हैं.
भारतीय रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि नोटबंदी के बाद समय पर कर्ज की अदायगी के लिए किसानों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने यह तय किया है कि उन्हें कर्ज भुगतान के लिए 60 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाए और उन्हें 3 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि भी दी जाए. यह उनके लिए है जिनका फसल कर्ज भुगतान का समय एक नवंबर से 31 दिसंबर के बीच पड़ता है.
वर्तमान समय में फसल कर्ज पर 2 प्रतिशत वार्षिक छूट के अलावा वर्ष 2016-17 के लिए ब्याज में अलग से 3 प्रतिशत की रियायत है, बशर्ते किसान कर्ज भुगतान की वास्तविक तिथि या बैंक द्वारा तय की गई तिथि तक उसकी अदायगी कर दे. यह लाभ वैसे किसानों को नहीं मिलेगा जो इस तरह का कर्ज लेने के एक साल बाद भुगतान करते हैं.
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