
पणजी:
राज्य में बैलों की लड़ाई को पूरा समर्थन देते हुए गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने कहा कि अगर इस खेल को कानून के दायरे में लाया जाता है तो इसे पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के तौर पर बढ़ावा दिया जा सकता है और इस तरह से यह कई किसानों की जीविका को बढ़ाने में मदद कर सकती है।
गोवा में बुलफाइट को कहते हैं धीरियो
पारसेकर ने कहा, ‘‘अगर बैलों की लड़ाई (धीरियो) को कानून के उचित दायरे में लाया जाता है तो यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है।’’ मुख्यमंत्री पर धीरिया (बैलों की लड़ाई) का पक्ष लेने का आरोप लगाया गया है जो पिछले रविवार को उनके निर्वाचन क्षेत्र में संपन्न हुई थी।
गणेश चतुर्थी के मौके पर हो आयोजित
पारसेकर ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने बैलों की लड़ाई को संरक्षण दिया था लेकिन उन्होंने माना कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में गणेश चतुर्थी उत्सव के मौके पर इस तरह का खेल आयोजन करने की परंपरा रही है।
पारंपरिक खेल रहा है बैलों की लड़ाई
पारसेकर ने कहा, ‘‘बैलों की लड़ाई हमेशा से ही पारंपरिक खेल रही है। कुछ कानूनी कारणों से, यह परेशानी में है। लेकिन परंपरा कभी खत्म नहीं होती है। हमने इस पर सदन में चर्चा की थी और एक समिति गठित की है। मैं समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं।’’
पारसेकर ने कहा कि लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हम पशुओं पर बिना क्रूरता बरते बैलों की लड़ाई का आयोजन करें।
गोवा में बुलफाइट को कहते हैं धीरियो
पारसेकर ने कहा, ‘‘अगर बैलों की लड़ाई (धीरियो) को कानून के उचित दायरे में लाया जाता है तो यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है।’’ मुख्यमंत्री पर धीरिया (बैलों की लड़ाई) का पक्ष लेने का आरोप लगाया गया है जो पिछले रविवार को उनके निर्वाचन क्षेत्र में संपन्न हुई थी।
गणेश चतुर्थी के मौके पर हो आयोजित
पारसेकर ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने बैलों की लड़ाई को संरक्षण दिया था लेकिन उन्होंने माना कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में गणेश चतुर्थी उत्सव के मौके पर इस तरह का खेल आयोजन करने की परंपरा रही है।
पारंपरिक खेल रहा है बैलों की लड़ाई
पारसेकर ने कहा, ‘‘बैलों की लड़ाई हमेशा से ही पारंपरिक खेल रही है। कुछ कानूनी कारणों से, यह परेशानी में है। लेकिन परंपरा कभी खत्म नहीं होती है। हमने इस पर सदन में चर्चा की थी और एक समिति गठित की है। मैं समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं।’’
पारसेकर ने कहा कि लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हम पशुओं पर बिना क्रूरता बरते बैलों की लड़ाई का आयोजन करें।
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