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महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत की 'इलेक्ट्रिक' रफ्तार, उत्तराखंड में 1 लाख पार हुए EV, पर चार्जिंग स्टेशन बने बड़ी चुनौती

उत्तराखंड में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की संख्या 1 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है, जो महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत की ओर एक बड़ा कदम है.

महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत की 'इलेक्ट्रिक' रफ्तार, उत्तराखंड में 1 लाख पार हुए EV, पर चार्जिंग स्टेशन बने बड़ी चुनौती

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बाद उत्तराखंड में भी तेजी से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का क्रेज बढ़ रहा है. लोग ट व्हीलर और फोर व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहन खरीद रहे हैं. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में करीब 12 हजार इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं. लेकिन सबसे बड़ी समस्या इलेक्ट्रिक टू व्हीलर और फोर व्हीलर चार्जिंग की है. बेहद कम जगह पर ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं. अब राज्य सरकार ईवी के प्रति लोगों के रुझान के लिए जल्द ही कैबिनेट में एक पॉलिसी लेकर आ रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने में आरटीओ रजिस्ट्रेशन और अन्य चीजों पर छूट दी जाएगी.

मिडिल ईस्ट में तनाव है और उसका असर भारत पर पड़ रहा है. भारत में पेट्रोल ,डीजल ,एलपीजी,सीएनजी की कीमतों पर असर पर पड़ रहा है. पेट्रोल ,डीजल, सीएनजी के दाम बढ़ने से अब आम लोग ईवी की तरफ अपना रुख मोड़ रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनता से ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की है. इसी अपील का असर भी देखने को मिल रहा गई. सड़कों पर कभी कभार दिखने वाले इलेक्ट्रिक वाहन अब ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. ईवी का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. इसके अलावा सार्वजनिक वाहनों में थ्री व्हीलर, फोर व्हीलर और बसें भी अब ईवी में बदल गई है.

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सरकारी प्रोत्साहन के बीच अब उत्तराखंड में ग्रीन मोबिलिटी को तेजी से अपना रहे हैं. उत्तराखंड के कई शहरों में तेजी से ईवी के शोरूम खुल रहे हैं. इसके अलावा कंपनियां ईवी में छूट भी दे रही हैं. ईवी से लोगों के बजट पर भी असर पड़ रहा है. पहले पेट्रोल और डीजल में जहां महीने का 8 से 10 हजार रुपये का खर्चा आता था अब वह ना मात्र रह गया है.

देहरादून शहर की बात करें तो 10465 टू व्हीलर ,1590 फोर व्हीलर आरटीओ में रजिस्टर्ड है. इसके अलावा 4395 ई-रिक्शा, 240 ई-कार्ट, 39 बसें और 3764 ई-आटो रजिस्टर्ड हैं. वहीं उत्तराखंड राज्य की बात करें तो राज्य में कुल रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 103633 है, जिसमें सक्रिय कुल 102702 वाहनों की संख्या हैं. साल 2025-26 में 21272 इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हुए, साल 2024 25 में 19636 ईवी रजिस्टर्ड हुए, साल 2023 24 में 17233 ईवी रजिस्टर्ड हुए.

उत्तराखंड में कितने इलेक्ट्रिक वाहन?

  • इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और स्कूटर: 33835
  • इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और स्कूटर विथ साइड का कार: 9
  • इलेक्ट्रिक कार: 3188
  • इलेक्ट्रिक मैक्सी कैब: 62
  • इलेक्ट्रिक कैब: 72
  • इलेक्ट्रिक मोपेड: 24
  • इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और स्कूटर किराये: 9
  • इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर फॉर गुड्स:373
  • इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर विथ पैसेंजर: 8324
  • इलेक्ट्रिक रिक्शा की कार्ट: 3159
  • इलेक्ट्रिक  रिक्शा विथ पैसेंजर: 54463
  • इलेक्ट्रिक एग्रीकल्चर ट्रैक्टर: 02
  • इलेक्ट्रिक बस: 57
  • इलेक्ट्रिक गुड्स कैरियर: 55

राज्य में चार्जिंग स्टेशनों की कमी है बड़ी दिक्कत

उत्तराखंड में तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है लेकिन उससे बड़ी चुनौती इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की है. अभी फिलहाल चार्जिंग स्टेशन की बात करें तो बेहद ही कम चार्जिंग स्टेशन सार्वजनिक तौर पर लगाए गए हैं. अभी बड़े होटल, सरकारी ऑफिस, रेस्टोरेंट शॉपिंग मॉल और कुछ पेट्रोल पंप में ही चार्जिंग स्टेशन हैं.

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