- बजट 2026-27 में ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए विकास को गति देने पर जोर दिया जाएगा.
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ कृषि योजनाओं और बजट उपयोग की समीक्षा की.
- शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों को बजट आवंटन का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
इस साल के बजट को अंतिम रूप देने की कवायद तेज़ी से चल रही है. बजट 2026-27 में इस बार ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए विशेष फोकस रहने की उम्मीद है. बजट 2026-27 पर भारत सरकार में मंथन के बीच शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ कृषि योजनाओं एवं बजट उपयोग की विस्तार से समीक्षा की. इस समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार की कृषि से जुडी अहम योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY), कृषोन्नति योजना (KY) समेत विभिन्न केंद्रीय कृषि योजनाओं की प्रगति एवं बजट उपयोग की स्थिति पर चर्चा हुई.
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राज्यों को कृषि मंत्री शिवराज का निर्देश
कृषि मंत्रालय के मुताबिक, "बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे प्रशासनिक और प्रक्रियागत मुद्दों के कारण कई बार बजट आवंटन में देरी होती है, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर असर पड़ता है. उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट का उपयोग मार्च माह से पहले सुनिश्चित किया जाए".
शिवराज सिंह ने राज्यों के कृषि मंत्रियों से कहा कि अगर राज्य सरकारें समय पर बजट खर्च नहीं कर पाती हैं तो इससे राज्यों को ही नुकसान होता है, इसीलिए राज्यों को पूर्व नियोजित रणनीति के साथ बजट का उपयोग करना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचे और केंद्र से अगली किश्त समय पर जारी की जा सके.
बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
कृषि मंत्रालय के अनुसार बैठक में पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों के शीघ्र सत्यापन, फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को कवर करने तथा दावों के समयबद्ध और जल्दी निपटान पर विशेष चर्चा हुई. इसके साथ, अहम कृषि सीजन के दौरान किसानों को बीज और उर्वरकों की उपलब्धता, संतुलित उपयोग और केंद्र–राज्य समन्वय को और मजबूत करने पर भी बैठक में चर्चा हुई.
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किशोरी लाल मीणा, उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी तथा मिजोरम के कृषि मंत्री ने इस अहम बैठक में भाग लिया. इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्री ने दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी योजना मनरेगा की जगह लाये गए नए "विकसित भारत - जी राम जी" कानून का बजट करीब 72% तक बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के सामने रखा है.
शिवराज ने गिनवाए जी राम जी के फायदे
सोमवार को शिवराज सिंह चौहान ने गौचर (जिला चमौली, उत्तराखंड) में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में कहा था, "विकसित भारत जी राम जी योजना- शिवराज सिंह ने कहा कि मनरेगा की कमियों को दूर कर मोदी जी ने 'विकसित भारत जी राम जी योजना' शुरू की है. इसमें 100 से 125 दिन रोजगार गारंटी, बेरोजगार भत्ता, लंबित मजदूरी पर ब्याज का प्रावधान किया है. अब तक इस योजना के लिए पिछले बजट में 88,000 का प्रावधान था. इस बार जो हमने प्रस्तावित किया है ₹1,51,282 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे, पहले से पौने दोगुना ज़्यादा राशि ".
ज़ाहिर है, रोज़गार गारंटी के लिए लाये गए नए कानून पर अब भारत सरकार ने 63,282 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने का फैसला किया है. वित्त मंत्री नए साल के बजट को अंतिम रूप देने में जुटी हैं. ज़ाहिर है, नए साल के बजट में ग्रामीण विकास और रोज़गार के लिए ज़्यादा फंड आवंटित करने पर विशेष फोकस रह सकता है. कृषि मंत्री का बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब नए "विकसित भारत -जी राम जी" कानून पर राजनीति गर्माती जा रही है. कांग्रेस वर्किंग कमिटी ने 5 जनवरी से "मनरेगा बचाओ अभियान" लांच करने का ऐलान कर चुकी है.
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