- जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
- संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को मिलाकर नई वोटर लिस्ट बनाने का काम शुरू हो गया है.
- रिटर्निंग ऑफिसर भी तय किए जा रहे हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा.
जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है. आयोग ने बताया कि संसद के दोनों सदनों के सांसदों के निर्वाचक मंडल (वोटर लिस्ट) का गठन शुरू कर दिया गया है. निर्वाचित और मनोनीत सभी सदस्य उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के पात्र होंगे.
आयोग ने एक बयान में बताया कि निर्वाचन अधिकारी और सहायक निर्वाचन अधिकारियों के नामों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. तैयारियां पूरी होने के बाद, जितनी जल्दी हो सकेगा, उपराष्ट्रपति चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी.
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सूत्रों के मुताबिक, एक कमेटी बनाई जाएगी, जो देखेगी कि पिछले चुनावों में क्या दिक्कतें आई थीं ताकि इस बार उन दिक्कतों का सामना न करना पड़े. इस प्रक्रिया को पूरी करने में क़रीब एक सप्ताह का समय लग सकता है. उसके बाद चुनाव की तारीख घोषित की जा सकती है.
यह पूरी प्रक्रिया राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव कानून 1952 के तहत संचालित की जाएगी. यह कानून उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्धारित नियमों और समयसीमा को स्पष्ट करता है.
बताया जाता है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने के लिए 14 दिनों का समय दिया जाता है. नामांकन पत्र दाखिल करने की समयसीमा खत्म होने के अगले दिन इनकी जांच की जाएगी.
जांच के बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए दो दिनों का समय मिलेगा. यदि एक से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहते हैं तो नाम वापसी की तारीख के 15 दिनों के भीतर मतदान कराया जा सकता है.
याद दिला दें कि जगदीप धनखड़ ने सोमवार को सेहत का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद से धनखड़ के इस्तीफे की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी.
संविधान के मुताबिक, उपराष्ट्रपति के निधन, त्यागपत्र या पद से हटाए जाने के बाद जल्द से जल्द चुनाव कराना होता है. नए उपराष्ट्रपति पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल तक पद पर रहने के पात्र होंगे.
इस बीच, राज्य सभा से रिटायर होने वाले आठ सांसदों को विदाई दी जाएगी. रिटायर होने वाले इन सांसदों में छह तमिलनाडु से और दो असम से हैं.
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