विज्ञापन

चुनाव आयोग या बंगाल पुलिस? सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के समय किसके हाथ में थी राज्य की सुरक्षा

बंगाल में नई सरकार के शपथग्रहण से पहले बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की कोलकाता के निकट हत्या कर दी गई. अब सवाल है कि ऐसे वक्त कानून-व्यवस्था की जवाबदेही चुनाव आयोग या पुलिस प्रशासन में से किसकी है.

चुनाव आयोग या बंगाल पुलिस? सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के समय किसके हाथ में थी राज्य की सुरक्षा
pa chandranath rath
  • बंगाल चुनाव परिणाम के बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या से राजनीतिक हिंसा का मामला सामने आया
  • चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और केयरटेकर सरकार की बनी रहती है
  • चुनाव आयोग गजट नोटिफिकेशन राज्यपाल को सौंपते ही पुलिस बल का नियंत्रण राज्य सरकार के पास वापस आ जाता है

बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के दो दिन बाद बुधवार रात को बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक शुभेंदु अधिकारी की हत्या कर दी गई. चुनाव बाद राजनीतिक हिंसा का बेहद सनसनीखेज मामला है. पहले दो दिनों में भी हिंसा में दो लोगों की मौत के साथ, पार्टी ऑफिस जलाने, कार्यालय पर बुलडोजर चलाने जैसे मामले सामने आए हैं. लेकिन आम लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब नई सरकार बनी नहीं है तो कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी किसके हाथों में होती है.

चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही क्या बदलाव 

पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के गरमाते मुद्दे के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि  जब तक आचारसंहिता लागू रहती है, यानी मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट रहता है, तब तक चुनाव आयोग का सुपरविजन रहता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि चौकी-थाने और अन्य स्तर पर पुलिस महकमे की जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है. अक्सर यह कहा जाता है कि चुनाव के वक्त ये निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी हो जाती है. पुलिस रेगुलेशन में ये कहीं नहीं लिखा है कि चुनाव के दौरान सारी जिम्मेदारी इलेक्शन कमीशन की हो जाएगी. अक्सर अपने बचाव के लिए नेता ऐसे तर्क देते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होती है.

ममता बनर्जी केयरटेकर चीफ मिनिस्टर

विक्रम सिंह का कहना है कि कहीं अगर पक्षपात, मनमाना रवैया या कोई और गंभीर चूक होती है तो चुनाव आयोग हस्तक्षेप करता है और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों का ट्रांसफर कर देता है.  जैसा कि पश्चिम बंगाल में कुछ संदिग्ध छवि वाले अफसरों को हटाया गया था. राज्य निर्वाचन आयोग के सीईओ मनोज अग्रवाल ने बुधवार को विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों की सूची की अधिसूचना के साथ राज्यपाल को सौंपी थी. हालांकि जब तक नई सरकार का गठन नहीं हो जाता है, ममता बनर्जी केयरटेकर चीफ मिनिस्टर हैं. स्थानीय पुलिस प्रशासन अपनी जवाबदेही और जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता है. ऐसे में पूरी जिम्मेदारी केयरटेकर सरकार और बंगाल पुलिस की बनती है. 

जब 6 मई को चुनाव आयोग ने गजट नोटिफिकेशन राज्यपाल को सौंप दिया तो तकनीकी रूप से चुनाव प्रक्रिया संपन्न मानी जाती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था का नियंत्रण तुरंत नहीं बदलता.सत्ता हस्तांतरण के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को ऐसे समझा जा सकता है. 

चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र खत्म

पारंपरिक तौर पर जैसे ही चुनाव आयोग (ECI) गजट नोटिफिकेशन राज्यपाल को सौंपता है. आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) समाप्त हो जाती है. इसका मतलब है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले या तैनाती पर चुनाव आयोग का सीधा नियंत्रण खत्म हो जाता है. शक्तियां वापस राज्य सरकार के पास लौटने लगती हैं. चुनाव आयोग द्वारा गजट नोटिफिकेशन सौंपने के क्षण से ही पुलिस बल वापस राज्य सरकार के नियंत्रण में आ जाता है.

ये भी पढ़ें - EXCLUSIVE: 50 मीटर दूर घर, सुनसान सड़क और घात लगाकर हमला… कैसे रची गई चंद्रनाथ रथ की हत्या की पूरी साजिश

कार्यवाहक सरकार और राज्यपाल की भूमिका

6 मई को नोटिफिकेशन सौंपा गया और नई सरकार का शपथ ग्रहण अभी बाकी था. ऐसे में पुरानी सरकार कार्यवाहक भूमिका की होती है. बंगाल की कानून-व्यवस्था का सीधा नियंत्रण डीजीपी के हाथ में होता है.गृह सचिव और मुख्य सचिव सीधे तौर पर राज्यपाल और कार्यवाहक मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करते हैं. जब तक नई कैबिनेट शपथ लेकर पदभार नहीं संभाल लेती, तब तक जमीन पर पुलिस बल डीजीपी के निर्देशों पर काम करता है. जिले में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी जिले के पुलिस अधीक्षक की होती है. चुनाव आयोग अपनी कमान छोड़ चुका है, इसलिए डीजीपी (DGP) को सीधे तौर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबदेह माना जाता है.

ये भी पढ़ें - Suvendu Adhikari PA Murder Live: CID ने शुरू की सुवेंदु के PA की हत्या की जांच, मध्यमग्राम में जुटा रही सबूत, पल-पल का अपडेट
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Suvendu Adhikari, Chandranath Rath, Bengal Law And Order, Mamata Banerjee, PA Chandranath Rath
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com