उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसदों की दिल्ली में 11 बजे मीटिंग होने वाली है. इस मीटिंग पर राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों की पैनी नजर है. ऐसा इसलिए क्योंकि मीटिंग में यदि 6 सांसद नहीं पहुंचे तो फिर पार्टी ही टूट जाएगी. 2022 के बाद यह एक और मौका होगा, जब उद्धव ठाकरे पार्टी में टूट का सामना करेंगे. इससे पहले 2022 में करीब 40 विधायकों को लेकर अलग हुए एकनाथ शिंदे ने पार्टी पर कब्जा जमा लिया था और फिर नए नाम और सिंबल के साथ उद्धव ठाकरे ने नई पार्टी बनाई थी. अब यदि उस नए दल में भी फूट होती है तो फिर उद्धव ठाकरे की राजनीतिक मशाल कैसे जलती रह सकेगी, यह उनके लिए सोचने वाली बात है.
इस बीच उद्धव गुट की मीटिंग से पहले एकनाथ शिंदे के करीबी और महाराष्ट्र के मंत्री ने एक स्टेटस वॉट्सऐप पर लगाया है. इसकी काफी चर्चा है और उद्धव सेना की मीटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है. उदय सामंत ने मराठी में लिखा, 'मजे मजे में अच्छे-अच्छों को ठंडा किया है'. इस कथन का आशय यह माना जा रहा है कि मजाक-मजाक में या बिना ज्यादा शोर-शराबे के बड़े-बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी मात दे दी गई. एकनाथ शिंदे ने खुद इसी अंदाज में 2022 में तब तंज कसा था, जब पार्टी तोड़कर वह सीएम बन गए थे. उद्धव ठाकरे की मर्सिडीज को लेकर तंज कसते हुए उन्होंने कहा था कि ऑटो ने मर्सिडीज को पीछे छोड़ दिया था.
बता दें कि एकनाथ शिंदे राजनीति में आने से पहले ऑटो चालक थे, फिर वह शिवसेना में जुड़ गए थे. ठाणे के सीनियर नेता आनंद दीघे उनके राजनीतिक गुरु रहे थे. ऐसे में उदय सामंत के इस तंज को भी उद्धव सेना की मीटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है. फिलहाल चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर उद्धव सेना में कितने सांसद बचेंगे और कितने साथ छोड़ देंगे. यह स्थिति उद्धव ठाकरे के लिए फिर से संकट लेकर आई है, जिन्होंने 2022 की बगावत के बाद फिर से किसी तरह पार्टी खड़ी की थी. इस बीच संजय राउत के घर अरविंद सावंत और अनिल देसाई पहुंचे हैं. कहा जा रहा है कि यहीं से तीनों सांसद साथ निकलेंगे और संसद में होने वाली मीटिंग में शामिल होंगे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं