नई दिल्ली:
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई को ट्रेजर आईलैंड मॉल घोटाला मामले की जांच का आदेश दिए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो वह उसकी सजा भुगतने के लिए तैयार हैं।
इस मामले में सिंह के लिप्त होने का आरोप है। कांग्रेस महासचिव ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा, ट्रेजर आईलैंड इंदौर का पहला मॉल था और अब बहुत लोकप्रिय हो चुका है। मॉल के लिए अनुमति मेरे कार्यकाल के दौरान दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच मध्यप्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा तथा पुलिस ने की थी।
हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने सीबीआई को मामले की जांच करने के लिए कहा है। इस बारे में सिंह ने कहा कि वह फैसले का स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा, जांच की जानी चाहिए और अगर मैंने कुछ गलत किया है तो मुझे सजा मिलनी चाहिए। एक ट्वीट के जवाब में सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद उसके मंत्री ने भी ट्रेजर आईलैंड मॉल मामले में उनकी (सिंह की) सरकार द्वारा किए गए फैसले को मंजूरी दी थी।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने सीबीआई से ट्रेजर आईलैंड घोटाला मामले की जांच करने तथा छह माह में रिपोर्ट देने को कहा।
सामाजिक कार्यकर्ता महेश गर्ग ने इस संबंध में वर्ष 2009 में राज्य की आर्थिक अपराध शाखा में एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यह मॉल एक लाख वर्ग फुट के एक रिहायशी भूखंड पर गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया और राज्य सरकार ने इसके लिए बेवजह रियायत भी दी।
आर्थिक अपराध शाखा ने सिंह सहित 12 आरोपियों के खिलाफ जांच की और फिर सिंह को क्लीन चिट देते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। आर्थिक अपराध शाखा ने कहा कि भवन निर्माताओं सहित छह लोगों के खिलाफ मामला बनता है।
इस पर असंतोष जाहिर करते हुए गर्ग ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
इस मामले में सिंह के लिप्त होने का आरोप है। कांग्रेस महासचिव ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा, ट्रेजर आईलैंड इंदौर का पहला मॉल था और अब बहुत लोकप्रिय हो चुका है। मॉल के लिए अनुमति मेरे कार्यकाल के दौरान दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच मध्यप्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा तथा पुलिस ने की थी।
हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने सीबीआई को मामले की जांच करने के लिए कहा है। इस बारे में सिंह ने कहा कि वह फैसले का स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा, जांच की जानी चाहिए और अगर मैंने कुछ गलत किया है तो मुझे सजा मिलनी चाहिए। एक ट्वीट के जवाब में सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद उसके मंत्री ने भी ट्रेजर आईलैंड मॉल मामले में उनकी (सिंह की) सरकार द्वारा किए गए फैसले को मंजूरी दी थी।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने सीबीआई से ट्रेजर आईलैंड घोटाला मामले की जांच करने तथा छह माह में रिपोर्ट देने को कहा।
सामाजिक कार्यकर्ता महेश गर्ग ने इस संबंध में वर्ष 2009 में राज्य की आर्थिक अपराध शाखा में एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यह मॉल एक लाख वर्ग फुट के एक रिहायशी भूखंड पर गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया और राज्य सरकार ने इसके लिए बेवजह रियायत भी दी।
आर्थिक अपराध शाखा ने सिंह सहित 12 आरोपियों के खिलाफ जांच की और फिर सिंह को क्लीन चिट देते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। आर्थिक अपराध शाखा ने कहा कि भवन निर्माताओं सहित छह लोगों के खिलाफ मामला बनता है।
इस पर असंतोष जाहिर करते हुए गर्ग ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
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