- फलोरिश होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं, ज्यादातर धुएं से दम घुटने के कारण मरे.
- आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर से हुई, जिसे नियंत्रित कर लिया गया था, लेकिन धुआं फैल गया.
- फायर ब्रिगेड के अनुसार तीसरी और चौथी मंजिल के कमरे आग से ज्यादा प्रभावित नहीं थे.
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह हुआ यह अग्निकांड महज एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही और अव्यवस्था की भयावह तस्वीर बनकर सामने आया है. एक होटल में लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में 21 लोगों की जान ले ली, जबकि कई लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने को मजबूर हो गए. अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि आग कैसे लगी, बल्कि यह भी है कि आखिर क्यों इतनी बड़ी संख्या में लोग बाहर नहीं निकल पाए और उस वक्त होटल के अंदर क्या हालात थे.
जब आग पर काबू पा लिया गया तो क्यों हुई इतनी मौतें?
फलोरिश होटल की आग में इतने लोगों की मौत कैसे हो गई? NDTV ने जब पड़ताल की तो पाया कि होटल के ग्राउंड फ्लोर से आग की शुरुआत हुई थी. सेकेंड फ्लोर तक आग पहुंचने से पहले ही इसको काबू में कर लिया गया. लेकिन धुएं की वजह से पड़े पैमाने पर लोगों की जान गई. फायर ब्रिगेड की टीम के साथ पहुंचे वसीम ने बताया कि तीसरी और चौथी मंजिल के कमरों में बिछी चादर तक काली नहीं पड़ी थी. लेकिन धुएं और अफरातफरी के चलते लोग बचने के नीचे भागे और वहीं आग के बीच फंस गए.

बाथरूम में दो लाश जली हालत में मिली
NDTV के पास होटल के अंदर कमरों की फुटेज है, उससे पता चलता है कि तीसरी मंजिल के एक कमरे में सोमालियाई नागरिक रुका हुआ. उसका कमरा देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था कि इस होटलों में 21 लोग मारे गए हैं. फायर ब्रिगेड के फ़ायरमैन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आग को 10.30 बजे सुबह तक बुझा लिया गया था. लेकिन सबसे ज़्यादा मौतें बेसमेंट में फंसे लोग और पहली दूसरी मंजिल पर रुके लोगो की हुई हैं. फायर ब्रिगेड के साथ सबसे पहले पहुंचने वाले दूसरे स्थानीय शोएब ने बताया कि पहली मंजिल में एक कमरे के बाथरूम में दो लाश जली हालत में मिली. शायद आग से बचने के लिए बाथरूम में पानी चलाया. लेकिन अपनी जिंदगी नहीं बचा पाए. कई लोग इसी तरह सीढ़ियों पर अचेत मिले, क्योंकि प्लास्टिक का धुआं बहुत टॉक्सिक होता है.

6 लोग अभी भी वेंटिलेटर पर
आग में झुलसे 18 लोग अब भी ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, इनमें से 6 लोग वेंटिलेटर पर रखे गए हैं. एक इराकी नागरिक अल मूसा की फोटो लेकर इराकी दूतावास के अधिकारी और उसके एक दोस्त के साथ हौजरानी इलाके में पहुंचे. वहां कई लोगों को उस फोटो को दिखाकर उसे खोजने की कोशिश की जा रही है. उसके दोस्त के मुताबिक 15 दिन पहले वो इलाज के लिए भारत आया था. लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है. होटल में आग लगने के बाद दर्जन भर से अधिक मोबाइल की रिकवरी भी पुलिस ने की है. अब दूतावास के लोग देख रहे हैं कि क्या ये इराकी नागरिक इसी होटल में रुका था या वो कहीं और हैं.

हौजरानी के कई होटलों को नोटिस
हौजरानी के दर्जनभर से ज्यादा होटल बंद हैं. उसके संचालक उसे बंद करके भूमिगत हो गए हैं. royal green, lemon green, vinus inn और Flourish नाम के एक दूसरा होटल पूरी तरह से बंद है और सारे गेस्ट को यहां से बाहर कर दिया गया है. ये सारे होटल B&B के तहत कागज़ों में 6 कमरे और हकीकत में 25-30 कमरों का चल रहा था. इन सभी होटल के बेसमेंट में 6-8 कमरे बने हुए हैं. एग्जिट और एंट्री एक ही बने हैं.
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