अरब सागर से उठा चक्रवात ‘बिपारजॉय' (Cyclone Biparjoy) बुधवार को गुजरात के कच्छ क्षेत्र और इससे सटे दक्षिण पाकिस्तान की ओर मुड़ने को तैयार है. इस प्रक्रिया में यह थोड़ा कमजोर हो रहा है, लेकिन इससे अभी भी तूफानी लहरों, तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है.दक्षिण पूर्वी अरब सागर में छह जून को बनने के बाद से, ‘बिपारजॉय' लगातार उत्तर की ओर बढ़ते हुए मजबूत हो रहा था और 11 जून को यह अत्यंत प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया था जिसकी हवाओं की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे से अधिक के आंकड़े की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन एक दिन बाद इसकी तीव्रता कम हो गई थी.
अनुमान है कि गुजरात में इसके तट से टकराने के दौरान 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चल सकती हैं. गुजरात में NDRF की टीमों को मुस्तैद रखा गया है. राज्य में एक विस्तृत निकासी योजना बनाई गई है और प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है.
मौसम विभाग के डीजी डॉ. एम मोहापात्रा ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि 6 तारीख के बाद तीन से चार बार साइक्लोन अपनी दिशा बदल चुका है. अगले 1 से 2 दिन में इसकी दिशा एक से दो बार और बदलने का पूर्वानुमान है. उन्होंने कहा कि तूफान से आशंका है कि काफी अधिक नुकसान हो सकता है. गुजरात में कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर जिलों में 15 जून को 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है. आमतौर पर इन इलाकों में इतनी अधिक बारिश नहीं होती. इसलिए इससे निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है.