जिस वक्त विपक्ष के नेता राहुल गांधी अदाणी ग्रुप के जरिए देश के विकास की गति को रोकने पर आमादा हैं, उसी वक्त दुनिया भर की बड़ी-बड़ी निवेशक कंपनियां भारतीय बाजार से लेकर अदाणी ग्रुप के शेयरों में पूरा भरोसा जता रही हैं. उसका ही नतीजा है कि आरोपों के तीखे तीर भी अदाणी ग्रुप के शेयरों के उछाल को छलनी नहीं कर सके. लेकिन आर्थिक जानकार मानते हैं कि पश्चिम की कारोबारी दुनिया को भारत का आर्थिक विकास पच नहीं रहा है, इसलिए झूठे हथकंडे आजमाए जा रहे हैं.
राहुल गांधी से देश सवाल पूछ रहा है और ये सवाल बेहद अहम हैं. राहुल गांधी लगातार झूठे आरोप लगाते हैं. इनके आधार पर वे राजनीतिक रोटियां सेकते हैं.वे ना केवल संसद का समय जाया करते हैं बल्कि लोगों में भी भ्रम फैलाते हैं. गौतम अदाणी पर अमेरिका में एक केस होने को लेकर उसको झूठी अफवाह के जरिए राजनीति चमकाने की कोशिश की गई है.
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विदेशी ताकतों को भारत की ग्रोथ स्टोरी, भारत की कंपनीज की ग्रोथ स्टोरी कहीं ना कहीं खल रही है. बैलगाड़ी वाला देश चांद पर कैसे अपना रोवर उतार सकता है. क्या राहुल गांधी इस थ्योरी का हिस्सा बन गए हैं?
एनडीटीवी के इस सवाल पर क्रॉफर डेली के सीनियर पार्टनर संजय ऐशर ने कहा कि, बिल्कुल, यह सब करने से देश को तो नुकसान होता ही है, इससे बड़ी बात स्टॉक मार्केट, शेयर बाजार इकोनॉमी का एक इम्पार्टेंट पार्ट है. आप देखेंगे पिछले दो-तीन साल में इन्वेस्टर्स बहुत बढ़ गए हैं. अगर वे बढ़ गए हैं तो स्वाभाविक रूप से इकोनॉमी में पैसा आता है. आईपीओ के जरिए या क्यूआईपी के जरिए पैसा आता है उसका असर होता है.
उन्होंने कहा कि, चार्जेस के कारण अगर भारत की अर्थव्यवस्था अस्थिर होती है तो इसका आम लोगों पर भी असर होता है. परचेजिंग पावर पर असर होता है. शेयर मार्केट पर इफेक्ट होता है तो कॉमन मन को सौ फीसदी असर होता है. मेरे हिसाब से यह सब बंद कर देना चाहिए स्टॉक मार्केट के विकास के लिए बहुत ही जरूरी है इकानॉमी की प्रगति. इकानॉमी की प्रगति और शेयर बाजार, दोनों इंटीग्रेटेड पार्ट हैं. स्टॉक मार्केट का डेवलपमेंट होना और स्टॉक मार्केट बढ़ना बहुत ही जरूरी है.
संजय ऐशर ने कहा कि, ये जो अटैक इंडिया की इकानॉमी पर हो रहा है, अदाणी पर इल्जाम लगाकर, अदाणी के स्टॉक को नीचे लाकर, उसके बाद मार्केट का सेंटीमेंट खराब करके, मार्केट को नीचे लाकर... अभी पिछले दो साल से मार्केट तेज से आगे बढ़ रहा है. जो इंडिवीजुअल रिटेल शेयर होल्डर्स हैं, होलसेल शेयर होल्डर्स हैं, सब लोग पैसे डालते हैं. स्टॉक मार्केट में इकानॉमी की ग्रोथ के लिए पूंजी जरूरी है. सेविंग्स जो इंडिवीजुअल होता है, उस सेविंग्स को चैनलाइज करने के लिए बैंक डिपॉजिट से ग्रोथ होती है. अगर वह बंद हो जाता है तो इंडिया की ग्रोथ कम हो जाती है. यह सब साजिश उसी के लिए है कि हम लोग ग्रोथ ना करें, इंडिया ग्रोथ ना करे.
(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)
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